
60 दिन तक 'डिजिटल अरेस्ट'... देहरादून में 70 साल की महिला से ऐसे हुई 3 करोड़ की ठगी
AajTak
देहरादून में 'डिजिटल अरेस्ट' करके साइबर ठगों ने बुजुर्ग महिला से 3.09 करोड़ रुपए ठग लिए. ठगों ने खुद को CBI अधिकारी बताकर वीडियो कॉल पर धमकाया, बच्चों पर कार्रवाई की चेतावनी दी और जांच के नाम पर रकम ट्रांसफर करवा ली गई. पुलिस जांच में जुटी है.
देहरादून में साइबर ठगों ने 60 दिन तक 'डिजिटल अरेस्ट' करके 70 साल की महिला से 3 करोड़ रुपए की ठगी कर ली. जालसाजों ने खुद को CBI अधिकारी बताया. इसके बाद पीड़ित महिला को वीडियो कॉल पर घंटों डराया और धमकाया. इसके बाद गिरफ्तारी की बात कहकर उनके खाते से करोड़ों रुपए ट्रांसफर करवा लिए.
पुलिस के मुताबिक, महिला ने शुक्रवार को साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है. इसके बाद केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. पीड़िता ने बताया कि पिछले साल 1 सितंबर को उन्हें एक वीडियो कॉल आया. कॉलर ने खुद को CBI अधिकारी बताया. उसने कहा कि उनका फोन नंबर 68 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में सामने आया है.
बुजुर्ग महिला को चेतावनी दी गई कि जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाएगा. इतना ही नहीं ठगों ने महिला को सख्त हिदायत दी कि यदि उन्होंने यह बात किसी को बताई, तो उनके बच्चों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इस धमकी ने महिला को पूरी तरह से डरा दिया. जालसाजों ने पीड़िता को पूरी तरह झांसे में ले लिया.
आरोपियों ने कहा कि यदि बुजुर्ग गिरफ्तारी से बचना चाहती हैं, तो उन्हें अपने बैंक से बताए गए अकाउंट में रकम ट्रांसफर करनी होगी. भरोसा दिलाया गया कि जांच पूरी होने के बाद पूरा पैसा वापस कर दिया जाएगा. दबाव में आकर महिला ने सितंबर 2025 से अक्टूबर 2025 के बीच अपने बैंक से 3.09 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर दिए.
इस रकम को जुटाने के लिए महिला को अपना फिक्स्ड डिपॉजिट तुड़वाना पड़ा, शेयर बेचने पड़े और अपनी ज्वेलरी भी गिरवी रखनी पड़ी. जब तक उन्हें ठगी का एहसास हुआ, तब तक बहुत देर हो चुकी थी. इसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क किया. पुलिस ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है.
जालसालों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों की कॉल रिकॉर्ड खंगाली जा रही है और जिन बैंक अकाउंट में पैसा ट्रांसफर हुआ, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है. साइबर ठगी का यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे नए तरीकों से ठग किस तरह लोगों को मानसिक दबाव में लेकर बड़ी रकम ऐंठ रहे हैं.

इजरायल अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है, इस युद्ध के चलते भारत में भी ऊर्जा संकट पैदा हो रहा था, इसी संकट को लेकर पीएम मोदी ने आज संसद में पहली बार सार्वजनिक तौर पर बयान दिया. पश्चिम एशिया में जंग के हालातों पर पीएम मोदी ने लोकसभा में 25 मिनट की स्पीच दी उन्होंने कहा कि तनाव खत्म होना चाहिए. बातचीत से ही समस्या का समाधान है. पीएम ने कहा कि नागरिकों और पावर प्लांट पर हमले मंजूर नहीं हैं. होमुर्ज का रास्ता रोकना स्वीकार नहीं होगा ‘सरकार की कोशिश है कि देश में तेल-गैस संकट न हो. इसके लिए 27 की जगह अब 41 देशों से इंपोर्ट कर रहे हैं. पश्चिम एशिया में एक करोड़ भारतीय रहते हैं. उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है.

हैदराबाद में आगामी रामनवमी शोभा यात्रा को लेकर गोशामहल के विधायक टी. राजा सिंह ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि साल 2010 से लगातार शोभा यात्रा आयोजित की जा रही है, लेकिन हर साल पुलिस की ओर से बाधाएं खड़ी की जाती हैं. उनका आरोप है कि सिदंबर बाजार, पुराना पुल और बेगम बाजार जैसे इलाकों में विशेष रूप से लाठीचार्ज के लिए टास्क फोर्स तैनात की जाती है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि हर साल उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाती है और इस बार भी पुलिस अपनी गलतियों का ठीकरा उन पर फोड़ सकती है.

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में लोगों ने ईरान के समर्थन में सोना, चांदी और नकद दान किया. यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है. लोग एक जगह इकट्ठा होकर मदद के लिए आगे आए. बडगाम के विधायक मुंतज़िर मेहदी ने भी एक महीने की सैलरी दान करने की घोषणा की. यह घटना दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का असर दूर तक हो रहा है और लोग इंसानियत के लिए साथ खड़े हो रहे हैं.










