
5000 करोड़ कैश, 4 कुंतल चांदी और सोना.... राम मंदिर निर्माण के लिए अब तक मिला ये चंदा
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अब तक श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए 5000 करोड़ से अधिक धन का समर्पण हो चुका है. श्रीराम मंदिर निर्माण पर हो रहे खर्च के बाद भी 3500 करोड़ से अधिक धनराशि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बैंक खातों में जमा है.
अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण तेजी पर है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की माने तो जनवरी 2024 में रामलला अपने भव्य और दिव्य मंदिर में विराजमान हो जाएंगे. राम मंदिर के लिए हर राम भक्त अपने सपनों को पूरा होता देख दिल खोलकर सहयोग दे रहा है. इसमें नगद रुपयों से लेकर सोना, चांदी, पत्थर और तरह-तरह के सहयोग शामिल है.
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के लिए राम भक्तों ने दिल खोल कर रख दिया. मंदिर निर्माण के लिए 15 जनवरी से 27 फरवरी 2021 तक समर्पण निधि अभियान चलाया गया. यह समर्पण निधि अभियान इतना बड़ा था कि इसमें 9,00,000 कार्यकर्ताओं ने 175 हजार टोलियां बनाकर घर-घर जाकर 10 करोड़ परिवारों से संपर्क किया था.
समन्वय के लिए 49 नियंत्रण केंद्र बने थे और 23 विशेषज्ञों की टीम ने इस पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखी थी. सूत्रों की माने तो अब तक श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए 5000 करोड़ से अधिक रुपये का समर्पण हो चुका है. श्रीराम मंदिर निर्माण पर हो रहे खर्च के बाद भी 3500 करोड़ से अधिक धनराशि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बैंक खातों में जमा है.
राम मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल बताते हैं कि अभी बहुत से ऐसे समर्पण निधि केंद्र हैं, जिनका डेटा ट्रस्ट के पास नहीं पहुंचा है, ऐसे समर्पण केंद्रों की संख्या 35 से अधिक है. इनके हिसाब किताब का ब्यौरा प्राप्त होने और ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद यह तय हो पाएगा कि अब तक कितनी धनराशि समर्पण निधि के रूप में ट्रस्ट को प्राप्त हो चुकी है.
हालांकि इसके बावजूद 3500 करोड़ की धनराशि ट्रस्ट के खाते में जमा हो चुकी है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी भी इतनी ही रकम ट्रस्ट के खाते में जमा होने की बात कहते हैं. मंदिर निर्माण के साथ राम भक्तों ने नगद राशि के साथ-साथ चेक और सोने चांदी का भी दान देना शुरू कर दिया.
बड़ी संख्या में सोने-चांदी के दान को देख राम मंदिर ट्रस्ट ने कहा था कि इस तरह के धातुओं की अभी जरूरत नहीं है, अभी केवल श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए रुपयों की जरूरत है. इसके बाद सोना-चांदी जैसी धातुओं के दान देने पर अंकुश लगा. ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल ने बताया कि करीब 4 कुंतल चांदी और कुछ सौ ग्राम सोना राम भक्तों ने दान दिया है.

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