
50 ग्राम वजन ज्यादा होने पर ओलंपिक से बाहर हो गया था गोल्ड मेडलिस्ट, अब विनेश को दी ये सलाह
AajTak
पुरुषों की 57 किग्रा फ्रीस्टाइल स्पर्धा में गोल्ड मेडलिस्ट हिगुची को तीन साल पहले टोक्यो ओलंपिक के क्वालीफायर से केवल 50 ग्राम अधिक वजन होने के कारण बाहर कर दिया गया था. वह अंततः एक प्लेऑफ मुकाबला भी हार गए और उस समय भी उच्च श्रेणी के होने के बावजूद अपने घरेलू ओलंपिक में प्रतिस्पर्धा नहीं कर सके.
पेरिस ओलंपिक में भारत की स्टार रेसलर विनेश फोगाट को तगड़ा झटका लगा. 50 किलो वर्ग कुश्ती के फाइनल से कुछ घंटे पहले ही उन्हें सिर्फ 100 ग्राम अधिक वजन होने के चलते अयोग्य करार दे दिया गया. दुनियाभर से विनेश को सपोर्ट मिल रहा है. इस क्रम में जापान ओलंपिक चैंपियन री हिगुची ने भी विनेश को सपोर्ट करते हुए कहा है कि वह उनका दर्द समझ सकती हैं, क्योंकि उन्हें भी क्वालीफायर से केवल 50 ग्राम अधिक होने के कारण बाहर कर दिया गया था.
दरअसल, पुरुषों की 57 किग्रा फ्रीस्टाइल स्पर्धा में गोल्ड मेडलिस्ट हिगुची को तीन साल पहले टोक्यो ओलंपिक के क्वालीफायर से केवल 50 ग्राम अधिक वजन होने के कारण बाहर कर दिया गया था. वह अंततः एक प्लेऑफ मुकाबला भी हार गए और उस समय भी उच्च श्रेणी के होने के बावजूद अपने घरेलू ओलंपिक में प्रतिस्पर्धा नहीं कर सके.
'मैं आपका दर्द अच्छी तरह समझता हूं'
पेरिस ओलंपिक में हिगुची ने 57 किग्रा फ्रीस्टाइल श्रेणी के सेमीफाइनल में भारत के अमन सेहरावत को हराकर गोल्ड मेडल जीता है. इससे पहले उन्होंने 2016 रियो ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीता था. उन्होंने विनेश फोगाट का सपोर्ट करते हुए कहा है कि असफलताओं से उबरना सबसे खूबसूरत चीज है. उन्होंने विनेश की कुश्ती से रिटायरमेंट की घोषणा पर टिप्पणी करते हुए एक्स पर लिखा, "मैं आपका दर्द सबसे अच्छी तरह समझता हूं. वही 50 ग्राम. अपने आस-पास की आवाज़ों की चिंता मत करो. जीवन चलता रहता है. असफलताओं से उबरना सबसे खूबसूरत चीज है. अच्छी तरह आराम करो,"
हिगुची ने जंक फूड को बताया था जिम्मेदार
पेरिस में गोल्ड जीतने के बाद हिगुची ने 'जापान न्यूज़' से बात करते हुए टोक्यो में मिली निराशा को याद किया और इसके लिए उस समय जंक फूड के प्रति अपने शौक को दोषी ठहराया. उन्होंने कहा, "मैं एक झटके और निराशा से गुजरा हूं, लेकिन मैं खुद पर विश्वास करके सफल होने में कामयाब रहा. फिर भी, मुझे नहीं लगता कि मैं अकेले अपने प्रयासों से गोल्ड मेडल जीत सकता था."

इजरायल अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है, इस युद्ध के चलते भारत में भी ऊर्जा संकट पैदा हो रहा था, इसी संकट को लेकर पीएम मोदी ने आज संसद में पहली बार सार्वजनिक तौर पर बयान दिया. पश्चिम एशिया में जंग के हालातों पर पीएम मोदी ने लोकसभा में 25 मिनट की स्पीच दी उन्होंने कहा कि तनाव खत्म होना चाहिए. बातचीत से ही समस्या का समाधान है. पीएम ने कहा कि नागरिकों और पावर प्लांट पर हमले मंजूर नहीं हैं. होमुर्ज का रास्ता रोकना स्वीकार नहीं होगा ‘सरकार की कोशिश है कि देश में तेल-गैस संकट न हो. इसके लिए 27 की जगह अब 41 देशों से इंपोर्ट कर रहे हैं. पश्चिम एशिया में एक करोड़ भारतीय रहते हैं. उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है.

हैदराबाद में आगामी रामनवमी शोभा यात्रा को लेकर गोशामहल के विधायक टी. राजा सिंह ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि साल 2010 से लगातार शोभा यात्रा आयोजित की जा रही है, लेकिन हर साल पुलिस की ओर से बाधाएं खड़ी की जाती हैं. उनका आरोप है कि सिदंबर बाजार, पुराना पुल और बेगम बाजार जैसे इलाकों में विशेष रूप से लाठीचार्ज के लिए टास्क फोर्स तैनात की जाती है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि हर साल उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाती है और इस बार भी पुलिस अपनी गलतियों का ठीकरा उन पर फोड़ सकती है.

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में लोगों ने ईरान के समर्थन में सोना, चांदी और नकद दान किया. यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है. लोग एक जगह इकट्ठा होकर मदद के लिए आगे आए. बडगाम के विधायक मुंतज़िर मेहदी ने भी एक महीने की सैलरी दान करने की घोषणा की. यह घटना दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का असर दूर तक हो रहा है और लोग इंसानियत के लिए साथ खड़े हो रहे हैं.










