
5 से 11 साल के बच्चों के लिए Corbevax वैक्सीन का रास्ता साफ, पैनल ने की मंजूरी की सिफारिश
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देश के औषधि नियामक DCGI (ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया) की सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी ने 5 से 11 साल के बच्चों के लिए बायोलॉजिकल ई की कॉर्बेवैक्स (Corbevax) वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की सिफारिश की है.
भारत में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच एक राहत की खबर आई है. ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) के ड्रग रेगुलेट के विशेषज्ञ पैनल ने 5 से 12 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए बायोलॉजिकल ई के कोविड-19 वैक्सीन कॉर्बेवैक्स (Corbevax) के लिए इमरजेंसी इस्तेमाल करने की सिफारिश की है.
न्यूज एजेंसी PTI ने सूत्रों से हवाले से कहा है कि देश के औषधि नियामक DCGI (ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया) की सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी ने 5 से 11 साल के बच्चों के लिए बायोलॉजिकल ई की कॉर्बेवैक्स (Corbevax) वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की सिफारिश की है.
पैनल ने गुरुवार को 5 से 12 आयु वर्ग के बच्चों में डेटा और वैक्सीन के उपयोग पर चर्चा करने के लिए बैठक की थी. इस बैठक में वैक्सीन को लेकर की गई सिफारिशों को अब एसईसी द्वारा ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया को भेज दिया गया है. ऐसे में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से अंतिम मंजूरी देने से पहले अब डीसीजीआई की मंजूरी का इंतजार करना होगा. जैसे ही वैक्सीन को डीसीजीआई की मंजूरी मिलेगी इसका इमरजेंसी इस्तेमाल 5 से 12 साल के आयु वर्ग के बच्चों पर किया जा सकेगा.
दिल्ली-एनसीआर में बच्चों में बढ़ रहा है कोरोना का खतरा सरकारी पैनल ने 5 से 11 साल के बच्चों में कोरोना वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी ऐसे समय में दी है जब दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा में बच्चों में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. पिछले दिनों गाजियाबाद के कई स्कूलों में बच्चे कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे, जिसके बाद स्कूल को अस्थाई तौर पर बंद करना पड़ा था.
3 जनवरी को शुरू हुई थी बच्चों के वैक्सीनेशन की शुरुआत उल्लेखनीय है कि भारत में बच्चों में कोरोना वैक्सीनेशन की शुरुआत 3 जनवरी से हुई थी. 15-18 साल उम्र तक के बच्चों को सबसे पहले वैक्सीन लगाई गई थी. इसके बाद 16 मार्च को इस अभियान को विस्तार देते हुए 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों को भी इसमें शामिल किया गया. भारत में इस समय 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों को दो कोविड वैक्सीन लगाई जा रही हैं.

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