
40 हजार कार्यकर्ताओं का फीडबैक, 15 पेज की रिपोर्ट... भूपेंद्र चौधरी ने पार्टी आलाकमान को बताई यूपी में BJP की हार की वजह
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बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने पार्टी आलाकमान को यूपी में लोकसभा चुनाव में संतोषजनक प्रदर्शन ना करने पाने की वजह बताई है. चौधरी ने 80 सीटों पर पार्टी के 40 हजार कार्यकर्ताओं से बातचीत और फीडबैक के आधार पर इंटरनल रिपोर्ट तैयार की है. ये रिपोर्ट आलाकमान को सौंप दी है. उन्होंने इस रिपोर्ट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की है.
लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद उत्तर प्रदेश बीजेपी में अंदरूनी कलह की खबरें सामने आई हैं. दिल्ली से लेकर लखनऊ तक पार्टी नेताओं के बीच बैठकों का दौर जारी है. अब 2024 के चुनाव के नतीजों पर यूपी में पार्टी की इंटरनल रिपोर्ट पर बीजेपी आलाकमान ने चर्चा की है.
सूत्रों के अनुसार, यूपी बीजेपी अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने लोकसभा चुनाव नतीजों पर यूपी की 80 सीटों पर पार्टी के 40 हजार कार्यकर्ताओं से बातचीत और फीडबैक के आधार पर 15 पेज की रिपोर्ट तैयार की है. पिछले दो दिनों में उन्होंने पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की और रिपोर्ट सौंप दी है. इस रिपोर्ट पर आलाकमान से विस्तृत चर्चा भी की गई है.
पार्टी के वोट प्रतिशत में आई 8% की कमी
रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य के सभी 6 क्षेत्रों पश्चिमी यूपी, ब्रज, कानपुर-बुंदेलखंड, अवध, गोरखपुर और काशी क्षेत्र में पार्टी के वोट शेयर में कम से कम 8 प्रतिशत की कमी आई है. पार्टी के अपने आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम और काशी क्षेत्र में पार्टी ने सबसे खराब प्रदर्शन किया. यहां उसे 28 में से सिर्फ 8 सीटें मिलीं. ब्रज में उसे 13 में से 8 सीटें मिलीं. गोरखपुर में पार्टी को 13 में से सिर्फ 6 सीटें मिलीं, जबकि अवध में उसे 16 में से सिर्फ 7 सीटें मिलीं हैं. कानपुर-बुंदेलखंड में बीजेपी अपनी मौजूदा सीटें वापस पाने में विफल रही है. इस क्षेत्र में बीजेपी को 10 में से सिर्फ 4 सीटें मिलीं हैं.
ये हैं यूपी में हार की वजह?
चौधरी द्वारा पीएम मोदी और गृह मंत्री को सौंपी गई इंटरनल रिपोर्ट में पार्टी के खराब प्रदर्शन के कई कारण बताए हैं, जिसमें अधिकारियों और प्रशासन की मनमानी, सरकार के प्रति कार्यकर्ताओं का असंतोष, पिछले 6 साल में सरकारी नौकरियों के लीक हुए पेपर मुख्य वजह हैं.

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