
30 अप्रैल 2011... ओबामा की उस पार्टी में ऐसा क्या हुआ जिसके बाद ट्रंप ने राष्ट्रपति बनने की ठानी!
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अमेरिकी राजनीति में व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट डिनर पार्टियां काफी हाई प्रोफाइल मानी जाती हैं. हर साल राष्ट्रपति की मेजबानी में होने वाली इस पार्टी में नेताओं से लेकर पत्रकार और हॉलीवुड सेलिब्रिटीज तक तमाम हाई प्रोफाइल शख्सियतें हिस्सा लेती हैं. 2011 की व्हाइट हाउस पार्टी में ट्रंप भी शामिल हुए.
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जिमी कार्टर को जब अंतिम विदाई दी जा रही थी तो बार-बार कैमरे पर दो शख्स नजर आ रहे थे. अगल-बगल में बैठे ये दोनों शख्स कभी धीरे से एक दूसरे के कान में कुछ कहते तो कभी मुस्कुराकर भीड़ को ऑब्जर्व करते. दोनों की बॉन्डिंग देखकर दुनिया दंग रह गई. ये दोनों शख्स थे बराक ओबामा और डोनाल्ड ट्रंप. अमेरिकी राजनीति में इन्हें एक दूसरे का कट्टर विरोधी माना जाता है. लेकिन इस क्षणभंगुर बॉन्डिंग के बाद 2011 की व्हाइट हाउस की उस पार्टी का जिक्र करना जरूरी हो जाता है जिसके बाद ट्रंप ने ठान लिया था कि वह एक दिन अमेरिका का राष्ट्रपति बनकर रहेंगे.
बराक ओबामा 2009 में जब पहली बार व्हाइट हाउस पहुंचे तो उनकी अमेरिकी पैदाइश को लेकर खूब हंगामा हुआ. ऐसा पहली बार हुआ था कि कोई अश्वेत शख्स अमेरिका के राष्ट्रपति के पद तक पहुंचा था. विरोधियों ने देशभर में ओबामा के खिलाफ एक कैंपेन खड़ा कर दिया, जिसमें उन्हें कभी मुस्लिम बताया जाता तो कभी कहा जाता कि वह अमेरिकी नागरिक नहीं हैं. इस तरह की कॉन्सिपिरेसी थ्योरी के केंद्र में थे डोनाल्ड ट्रंप.
यह वह समय था जब ट्रंप रिपब्लिकन पार्टी में शामिल हुए थे और लगातार ओबामा पर दबाव बना रहे थे कि वह अपना बर्थ सर्टिफिकेट सार्वजनिक करें. ऐसे में जब 30 अप्रैल 2011 को व्हाइट हाउस में डिनर पार्टी का आयोजन किया गया तो ओबामा ने बर्थ कॉन्सिपिरेसी थ्योरी को लेकर ट्रंप को जमकर रोस्ट किया.
30 अप्रैल 2011 की रात उस पार्टी में क्या हुआ था?
अमेरिकी राजनीति में व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट डिनर पार्टियां काफी हाई प्रोफाइल मानी जाती हैं. हर साल राष्ट्रपति की मेजबानी में होने वाली इस पार्टी में नेताओं से लेकर पत्रकार और हॉलीवुड सेलिब्रिटीज तक तमाम शख्सियतें हिस्सा लेती हैं. 2011 की व्हाइट हाउस पार्टी में ट्रंप भी शामिल हुए थे.

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