
26 राफेल, 15 प्रिडेटर ड्रोन, 3 कलवारी सबमरीन, सपोर्ट शिप के 5 फ्लीट... किस जंग की तैयारी में है भारतीय नौसेना?
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भारतीय नौसेना निकट भविष्य में अपनी फ्लीट में 26 राफेल-एम फाइटर जेट, 15 प्रिडेटर ड्रोन्स, 3 कलवारी पनडुब्बियां और सपोर्ट शिप की पांच फ्लीट शामिल करने वाला है. क्या ये नौसेना खुद को अपग्रेड कर रही है. या फिर किसी युद्ध की तैयारी में लगी है. आइए जानते हैं इस तैयारी के मायने और इन हथियारों की ताकत...
रूस-यूक्रेन में जंग चल रही है. इजरायल-हमास-हिज्बुल्ला में युद्ध हो रहा है. दुनिया तनाव में जी रही है. ऐसे में भारतीय नौसेना की तैयारी भी कम नहीं है. Indian Navy लगातार खुद को अपडेट कर रही है. फाइटर जेट्स से लेकर ड्रोन्स तक. जंगी जहाजों से लेकर सपोर्ट शिप तक. हर तरह के हथियार शामिल किए जा रहे हैं. असल में यह नौसेना को अपग्रेड करने की तैयारी है. किसी भी हालत में जंग न हो... इसलिए ताकत का होना बहुत जरूरी है.
Rafale-M Fighter Jets... दक्षिण एशिया की बात करें तो भारत और चीन के अलावा किसी अन्य देश के पास एयरक्राफ्ट कैरियर नहीं है. भारत अपने कैरियर पर राफेल-एम फाइटर जेट तैनात करने जा रहा है. ये फाइटर जेट 50.1 फीट लंबा है. यानी सुखोई और चीन के जे-15 से आकार में छोटा. इसे 1 या दो पायलट मिलकर उड़ाते हैं.
राफेल का वजन सिर्फ 15 हजार किलोग्राम है. यानी ये हल्का मल्टीरोल कॉम्बैट फाइटर जेट है. फ्यूल कैपेसिटी करीब 11,202 किलोग्राम है. यानी ज्यादा देर तक फ्लाई और ज्यादा देर तक डॉग फाइट कर सकता है. अधिकतम गति 2205 किलोमीटर प्रतिघंटा है. कॉम्बैट रेंज 1850 किलोमीटर है. इसकी फेरी रेंज 3700 किलोमीटर है. यानी सबसे अधिक.
अधिकतम 52 हजार फीट की ऊंचाई तक जा सकता है. राफेल-एम में 30 मिलिमीटर की ऑटोकैनन गन लगी है. इसके अलावा 14 हार्डप्वाइंट्स हैं. इसमें तीन तरह के हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, हवा से सतह पर मार करने वाली सात तरह की मिसाइलें, एक परमाणु मिसाइल या फिर इनका मिश्रण लगा सकते हैं.
राफेल-एम 4.5 जेनरेशन का आधुनिक फाइटर जेट है, जिसे विमानवाहक युद्धपोत पर तैनात करने के लिए ही बनाया गया है. ऐसे फाइटर जेट्स न तो पाकिस्तान के पास हैं, न ही चीन के पास.

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