
2027 की तैयारी, ग्राउंड पर कुश्ती और अखाड़े वाला दांव... मुलायम वाले तेवर में दिखने लगे अखिलेश!
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सपा प्रमुख अखिलेश यादव इन दिनों बदले अंदाज में दिख रहे हैं. यूपी उपचुनाव के लिए सपा की रणनीति पर 2027 को लेकर चुनावी तैयारी की छाप नजर आई ही, ग्राउंड पर कुश्ती और अखाड़े वाला दांव भी नजर आया.
समाजवादी पार्टी (सपा) ने साल 2012 के यूपी चुनाव में पूर्ण बहुमत के साथ जीत हासिल कर सूबे में सरकार बनाई थी. अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बने थे और तब पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ही थे. आज मुलायम की बात करने के पीछे दो कारण हैं. एक ये कि आज मुलायम सिंह यादव की जयंती है और दूसरा ये कि यूपी की नौ विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में अखिलेश यादव ने जिस तरह के तेवर दिखाए हैं उससे यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या वे पुरानी सपा की लीक पर लौट रहे हैं?
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने यूपी की नौ सीटों पर वोटिंग के दिन 20 नवंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. अखिलेश ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को निशाने पर रखा ही, पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों को भी नाम, इज्जत, पीएफ और पेंशन जाने की चेतावनी दे दी. अखिलेश यादव जिस तरह से आक्रामक अंदाज में नजर आए, उससे वह पांच संकेत दे गए.
कार्यकर्ताओं की पार्टी वाली इमेज
सपा की इमेज ऐसी पार्टी की रही है जो किसी भी तरह की परिस्थिति में अपने कार्यकर्ताओं के पीछे खड़ी रहती है. कई बार सपा इस इमेज की वजह से राजनीतिक गलियारों में आलोचनाओं से घिरी और विपक्षी दलों ने अपराधियों की पार्टी वाली इमेज भी गढ़ी. अखिलेश ने यूपी का सीएम रहते सपा की इमेज बदलने की कोशिश में नई सपा की बात की थी.
अखिलेश की नई सपा इमेज क्लीन करने की कोशिश में कार्यकर्ताओं से दूर होती चली गई और नतीजा 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के दो धड़े में बंटने, मुलायम को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटाए जाने और चुनावी टेस्ट में फेल होने के रूप में सामने आया. सपा अब फिर से किसी भी परिस्थिति में कार्यकर्ताओं के पीछे खड़ी हो जाने वाली पार्टी की लीक पर लौटती नजर आ रही है. अनुजेश यादव एनकाउंटर या देवरिया कांड पर सपा का स्टैंड हो या अब उपचुनाव में मीरापुर, कुंदरकी और सीसामऊ में धांधली के आरोप पर अखिलेश के तेवर, संकेत यही है.
ग्राउंड पर फाइट

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