
2024 में मौत, 2025 में एक्सीडेंट! 50 लाख के इंश्योरेंस फ्रॉड में 4 पुलिसकर्मियों समेत 9 गिरफ्तार
AajTak
महाराष्ट्र के जलगांव में 50 लाख रुपये का इंश्योरेंस क्लेम पाने के लिए एक शख्स की मौत को फर्जी सड़क हादसा दिखाने की साजिश रची गई. मामले में 4 पुलिसकर्मियों, एक सरकारी डॉक्टर समेत 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पढ़ें इस धोखेबाजी की पूरी कहानी.
महाराष्ट्र के जलगांव जिले से एक चौंकाने वाला इंश्योरेंस फ्रॉड सामने आया है. जहां 50 लाख रुपये का इंश्योरेंस क्लेम हासिल करने के लिए एक व्यक्ति की मौत को फर्जी सड़क हादसा दिखाने की साजिश रची गई. पुलिस ने इस मामले में कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में चार पुलिसकर्मी और एक सरकारी मेडिकल ऑफिसर भी शामिल हैं. जांच में सामने आया कि सभी ने मिलकर एक ऐसा प्लान बनाया, जिससे इंश्योरेंस कंपनी से मोटी रकम हासिल की जा सके. लेकिन कंपनी की जांच में साजिश का पूरा खेल उजागर हो गया.
चालीसगांव से खुला बड़ा फ्रॉड यह पूरा मामला उत्तर महाराष्ट्र के जलगांव जिले के चालीसगांव इलाके से सामने आया. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों ने एक व्यक्ति की मौत को सड़क दुर्घटना बताकर इंश्योरेंस कंपनी से 50 लाख रुपये का दावा करने की कोशिश की थी. इसके लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और पूरा एक्सीडेंट का एक काल्पनिक घटनाक्रम बनाया गया. योजना इतनी बारीकी से बनाई गई थी कि पहली नजर में यह सामान्य दुर्घटना का मामला लग रहा था. लेकिन आगे की जांच में कई ऐसी बातें सामने आईं, जिन्होंने पूरे मामले की सच्चाई खोल दी.
पत्नी ने किया था इंश्योरेंस क्लेम पुलिस के मुताबिक इस मामले में मृतक राजेंद्र शालिंदर जाधव की पत्नी अरुणा जाधव ने इंश्योरेंस क्लेम दाखिल किया था. अपने दावे में उसने बताया कि राजेंद्र मोटरसाइकिल से दहीवड से मालेगांव जा रहे थे. इसी दौरान एक एसयूवी ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी. हादसे में गंभीर रूप से घायल राजेंद्र को चालीसगांव ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया. वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई, ऐसा दावा किया गया था. इस कथित दुर्घटना के आधार पर मेहुणबारे पुलिस स्टेशन में मामला भी दर्ज कराया गया.
इंश्योरेंस कंपनी को हुआ शक जब इंश्योरेंस कंपनी ने इस क्लेम की जांच शुरू की, तो कई गड़बड़ियां सामने आने लगीं. दस्तावेजों और घटनाक्रम में कई ऐसे विरोधाभास थे, जिन्होंने अधिकारियों को शक में डाल दिया. कंपनी के जांच अधिकारियों ने जब गहराई से पड़ताल की तो पता चला कि कहानी में कई तथ्य मेल नहीं खा रहे थे. इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई. पुलिस ने जब स्वतंत्र जांच शुरू की तो यह मामला एक बड़े इंश्योरेंस फ्रॉड में बदल गया.
चौंक गए अधिकारी जांच के दौरान पता चला कि राजेंद्र जाधव की मौत किसी सड़क हादसे में नहीं हुई थी. दरअसल उनकी मौत फरवरी 2024 में ही हो चुकी थी. यानी जिस हादसे का जिक्र किया गया था, वह पूरी तरह से फर्जी था. पुलिस के मुताबिक राजेंद्र की असली मौत गंभीर लीवर बीमारी के कारण हुई थी. इसके बावजूद आरोपियों ने दस्तावेजों में बदलाव कर उनकी मौत को सड़क दुर्घटना दिखाने की कोशिश की. इस खुलासे के बाद पूरा मामला संदिग्ध हो गया.
घर में लगी फोटो ने खोल दी पोल जांच के दौरान एक और अहम सुराग सामने आया. पुलिस को मृतक के घर में रखी तस्वीर पर दर्ज तारीख मिली. उस फोटो पर 23 फरवरी 2024 को उनकी मौत की तारीख लिखी हुई थी. इससे साफ हो गया कि मौत एक साल पहले ही हो चुकी थी. इसके अलावा ग्राम पंचायत के रजिस्टर में भी उनकी मौत का रिकॉर्ड दर्ज नहीं था. इन तथ्यों ने यह साबित कर दिया कि दुर्घटना की कहानी पूरी तरह से गढ़ी गई थी.

रायगढ़ जिले में एक स्कूल परिसर में पेड़ से एक ही साड़ी के फंदे पर दो दोस्तों के शव मिलने से सनसनी फैल गई. दोनों युवक देर रात जन्मदिन की पार्टी मनाने निकले थे. सुबह ग्रामीणों ने उन्हें फांसी पर लटका देखा और पुलिस को सूचना दी. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आत्महत्या के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है.

अमेरिका और ईरान के बढ़ते तनाव के बीच कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति रुकने से देश के होटल और रेस्टोरेंट उद्योग पर संकट गहराने लगा है. गैस की कमी के कारण कई जगहों पर होटलों को लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाना पड़ रहा है और कुछ ने ईंधन बचाने के लिए मेनू में भी बदलाव कर दिया है. भोपाल में होटल संचालकों के पास केवल 48 घंटे का गैस स्टॉक बचा है और यदि प्रतिबंध नहीं हटा तो कारोबार ठप पड़ सकता है.

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को केंद्र की राजनीति में सरगर्मी तेज हो गई है. इसको लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपने सभी लोकसभा सांसदों के लिए कड़ा 'थ्री लाइन व्हिप' जारी किया है. पार्टी ने बुधवार को सभी सदस्यों को पूरे समय सदन में उपस्थित रहकर सरकार के पक्ष का समर्थन करने का आदेश दिया है.

पश्चिम एशिया में जारी लंबी जंग के प्रभावों के कारण घरेलू रसोई गैस की निरंतर आपूर्ति में बाधा आ रही है. इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने Essential Commodities Act लागू कर रिफाइनरियों को निर्देश दिया है कि वे तरलीकृत पेट्रोलियम गैस का उत्पादन बढ़ाएँ और आवश्यक हाइड्रोकार्बन स्ट्रीम्स को LPG उत्पादन की ओर मोड़ें.









