
अचानक गुर्जर वोटों पर कैसे हो गया अखिलेश का फोकस... किसका गेम बिगाड़ने की तैयारी?
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सपा प्रमुख अखिलेश यादव मिशन 2027 का आगाज नोएडा के दादरी से कर रहे हैं, जिसके जरिए सिर्फ पश्चिमी यूपी को साधने का दांव नहीं है बल्कि सपा के सियासी केमिस्ट्री बनाने की है. सपा की रणनीति गुर्जर वोटों को साधकर बीजेपी के वोटबैंक में सेंधमारी करने का है.
उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव भले ही एक साल के बाद है, लेकिन सपा अपनी वापसी का तानाबाना बुनना शुरू कर दिया है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव पश्चिम यूपी से मिशन- 2027 का आगाज करने का प्लान बनाया है. नोएडा के दादरी में एक बड़ी चुनावी रैली के जरिए गुर्जर समुदाय को साधने की स्टैटेजी बनाई है. ऐसे में सवाल उठता है कि सपा क्यों गुर्जर समुदाय पर इतना फोकस क्यों कर रही है?
पश्चिम यूपी के सियासी मिजाज को देखते हुए अखिलेश यादव ने 2027 के चुनावी अभियान का आगाज गुर्जर बहुल नोएडा से शुरू कर रहे हैं. 29 मार्च को होने वाली अखिलेश की रैली गुर्जर समुदाय के द्वारा की जा रही है, जिसकी अगुवाई राजकुमार भाटी कर रहे हैं.
नोएडा के सपा जिला अध्यक्ष सुधीर भाटी ने बताया कि 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी है. मिशन-2027 के अभियान की शुरुआत अखिलेश यादव दादरी से कर रहे हैं. सपा ने इसे 'समानता भाईचारा रैली' का नाम दिया है.
समानता भाईचारा से केमिस्ट्री बनाने का प्लान सपा ने जिस तरह से दादरी रैली को समाजवादी समानता भाईचारा रैली का नाम दिया है, उससे ही सियासी मकसद समझा जा सकता है. मुजफ्फरनगर दंगे के बाद से ही पश्चिमी यूपी में हिंदू और मुस्लिम के बीच खाईं गहरी हुई है. अब सपा विभिन्न वर्गों के बीच पैदा हुई खाई को खत्म करने करने की है. सपा कैसे पश्चिमी यूपी में आपसी भाईचारा को मजबूत कर अपनी सियासी नैया पार लगाना चाहती है?
दादरी में सपा की होने वाली रैली को गुर्जर समुदाय के द्वारा किया जा रहा है, लेकिन पार्टी की कोशिश सभी समुदाय के लोगों को रैली में लाने की है. एक बात जरूर है कि गुर्जर समुदाय के लोग बड़ी संख्या में शामिल होंगे. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीजेपी के लिए अजेयमा ने जाने वाले नोएडा-गाजियाबाद के मजबूत सियासी किले में सेंधमारी के तौर पर भी देखा जा रहा है. सपा इस रैली के जरिए सियासी संदेश देने की कवायद में है और खासकर गुर्जर समुदाय को साधने की स्टैटेजी मानी जा रही है.
गुर्जर वोटों को साधने में जुटे अखिलेश यादव 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद से ही सपा का फोकस गुर्जर समुदाय के वोटबैंक पर है. अखिलेश यादव ने पिछले साल दिल्ली से गुर्जर चौपाल का आगाज किया था, जिसकी कमान पार्टी प्रवक्ता राजकुमार भाटी को सौंपी गई थी. राजकुमार भाटी ने पश्चिम यूपी के अलग-अलग जिलों में गुर्जर चौपाल की थी. सपा की चौपाल उन विधानसभा क्षेत्रों में की गई थी, जहां गुर्जर समाज के मतदाता अच्छी खासी संख्या में हैं.

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