
187 बंधक, 5 हाईजैकर्स और 8 दिन... जब भारत को बदले में छोड़ने पड़े 3 खौफनाक आतंकी
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फ्लाइट ने उड़ान भरी और वह 35000 फीट उंचाई पर पहुंचा. इसी बीच प्लेन के अंदर 5 नकाबपोश और हथियारों से लैस हाईजैकर्स अचानक आ धमके. इनमें से हाईजैकर्स का चीफ इब्राहिम अख्तर पिस्टल लेकर कोकपिट के अंदर घुसा और देवी शरण को गन प्वाइंट पर ले लिया.
35000 फीट की ऊंचाई, 187 लोग और 5 हाईजैकर्स. सभी प्लेन सवार यात्रियों के सामने थी तो बस मौत. कहानी है कंधार हाइजैक की. जब तालिबान ने अपने आतंकवादियों को छुड़वाने के लिए भारतीय प्लेन IC 814 को 8 दिन के लिए हाईजैक कर लिया था. क्या था पूरा मामला, चलिए विस्तार से जानते हैं.
24 दिसंबर 1999 की तारीख थी. घड़ी में शाम के 4:30 बज रहे थे. काठमांडू के त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से भारतीय एयरलाइन्स की फ्लाइट IC 814 नई दिल्ली के लिए उड़ान भरने के लिए तैयार थी. लेकिन नेपाल के इस एयरपोर्ट की सिक्योरिटी कुछ खास नहीं थी. IC 814 में क्रू मेंबर्स को मिलाकर कुल 187 लोग सवार थे. फ्लाइंग कमांडर कैप्टन देवी शरण ने इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए उड़ान भर दी. उनसे साथ थे फ्लाइंट इंजीनियर अनिल जागिया और को पायलट राजेंद्र कुमार.
फ्लाइट ने उड़ान भरी और वह 35000 फीट उंचाई पर पहुंचा. इसी बीच प्लेन के अंदर 5 नकाबपोश और हथियारों से लैस हाईजैकर्स अचानक आ धमके. इनमें से हाईजैकर्स का चीफ इब्राहिम अख्तर पिस्टल लेकर कोकपिट के अंदर घुसा और देवी शरण को गन प्वाइंट पर ले लिया. वहीं, बाकी हाईजैकर्स ने यात्रियों को धमकाना और मारना शुरू किया. किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि आखिर ये सब क्या हो रहा है. प्लेन में हथियार से लैस लोग कैसे आए सब यही सोच रहे थे.
कैप्टन देवी शरण ने हाईजैकर्स से पूछा कि आखिर वे क्या चाहते हैं? जो जवाब मिला कि प्लेन को लखनऊ के रास्ते लाहौर ले चलो. कैप्टन ने उन्हें समझाने की कोशिश की कि प्लेन में इतना फ्यूल नहीं है कि लाहौर तक इसे ले जाया जाए. उन्होंने जानबूझकर प्लेन की रफ्तार भी कम कर दी. लेकिन वह गन प्वाइंट पर थे, इसलिए उनके पास कोई और रास्ता भी नहीं था. लेकिन पाकिस्तान ने भी कैप्टन को लाहौर में लैंडिंग की परमिशन नहीं दी. उन्हें कहा गया कि आप पाकिस्तान एयर स्पेस में नहीं घुस सकते.
कैप्टन ने भारत सरकार तक पहुंचाया मैसेज पैसेंजर्स डरे हुए थे. उन्हें नहीं पता था कि उनके साथ क्या होने वाला है. बस बार-बार प्लेन को उड़ा देने की धमकी दी जा रही थी. इससे बुरा तो यह था कि अब तक इस बारे में भारतीय एविएशन्स के अधिकारियों को भी कुछ भी पता नहीं था. फिर शाम 6 बजकर 4 मिनट पर कैप्टन देवी शरण का मैसेज भारत सरकार तक पहुंचा कि प्लेन हाईजैक हो चुका है और हमारे पास सिर्फ आधे घंटे का ही फ्यूल बचा है. प्लीज हमें लाहौर में उतरने की अनुमति दिलवाएं. नहीं तो ये लोग हमें मार डालेंगे.
हाईजैक की खबर से देश में मचा हड़कंप उस समय देश में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार थी. तब के सिविल एविएशन मिनिस्टर शरद यादव ने कहा कि हमारा पायलट के अलावा किसी के भी साथ कोई कम्यूनिकेशन नहीं हो पा रहा है. हाईजैकर्स के पास AK-47 है या पिस्टल कुछ भी पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता. यह खबर सुनने के बाद देश में हड़कंप मच गया. अब सरकार को भी इसे हैंडल करना मुश्किल भरा लग रहा था.

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