
16 साल की उम्र में पहली हत्या, इटावा से प्रयागराज तक बमबाजी... जानिए गुड्डू मुस्लिम का सुल्तानपुर कनेक्शन
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गुड्डू मुस्लिम उमेश पाल मर्डर केस में फरार है. यूपी एसटीएफ के पूर्व अधिकारी का दावा है कि गुड्डू ने फरारी के लिए अतीक के नहीं बल्कि अपने सिंडिकेट का इस्तेमाल किया है. उसके कई माफियाओं से अच्छे संबंध हैं. इनमें से कई आज माननीय हो चुके हैं. ऐसे में वह आसानी से पुलिस को चकमा देने में सफल हो रहा है.
उमेश पाल मर्डर केस में आरोपी गुड्डू मुस्लिम फरार है. गुड्डू मुस्लिम ने ही उमेश और उसके गनर्स पर बम फेंके थे. गुड्डू बम से हत्या करने के लिए जाना जाता है, यही वजह है कि उसे बमबाज गुड्डू भी कहा जाता है. वह चलते फिरते बम बनाने में माहिर है. पुलिस गुड्डू की तलाश में है. उसकी लोकेशन कभी ओडिशा में मिलती है, तो कभी छत्तीसगढ़ में. लेकिन जब तक पुलिस पहुंचती है, वह अपनी लोकेशन बदल लेता है. यूपी एसटीएफ का दावा है कि गुड्डू को जल्द पकड़ लिया जाएगा, लेकिन वह अभी भी यूपी एसटीएफ और प्रयागराज पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है.
गुड्डू मुस्लिम का सुल्तानपुर कनेक्शन
गुड्डू को लेकर रोज नए खुलासे हो रहे हैं. अब उसका सुल्तानपुर कनेक्शन सामने आया है. भले ही उमेश पाल की हत्या के बाद चर्चा चकिया वाले गुड्डू मुस्लिम की हो लेकिन वह असल में प्रयागराज का नहीं सुल्तानपुर का रहने वाला है. गुड्डू सुल्तानपुर के गोसाईगंज थाना क्षेत्र के इटकौली गांव का रहने वाला है. यह गांव फैजाबाद और जौनपुर के बॉर्डर पर है. यही वजह है कि गुड्डू ने जब अपराध की दुनिया में कदम रखा तो उसका संपर्क अभय सिंह और धनंजय सिंह से हुआ.
16 साल की उम्र में पहली हत्या
गुड्डू ने 1993 में पहला मर्डर किया. लेकिन वह उसमें पकड़ा नहीं गया. तब उसकी उम्र 16 साल थी. गुड्डू मुस्लिम ने नैनी इलाके में सलीम और पप्पू की गोली और बम मार कर हत्या कर दी थी लेकिन उसमें गुड्डू मुस्लिम पकड़ा नहीं गया. 1998 में गुड्डू मुस्लिम से लखनऊ में पीटर गोम्स की हत्या के मामले में पूछताछ हुई थी. तब उसने कई राज उगले थे.
पूछताछ के दौरान गुड्डू मुस्लिम ने बताया था कि उसने 1993 में प्रयागराज के कर्नलगंज की मेस कॉलोनी में मौजूदा समय के एक बाहुबली विधायक के साथ मिलकर मुन्ना उर्फ भुवरा पर गोली चलाई थी. इतना ही नहीं उसने रिटायर्ड पुलिस अफसर के भाई की हत्या का बदला लेने के लिए बमबाजी भी की थी.

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