
11 साल की उम्र में सौदा, यौन उत्पीड़न और फिर बनी दो बच्चों की मां... दर्दभरी है नाबालिग लड़की की कहानी
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जुल्मो सितम और इंसानियत को शर्मसार करने वाली इस कहानी का खुलासा उस वक्त, हुआ जब वो 14 साल की लड़की अपने दो महीने के बच्चे को लेकर जयपुर के पुलिस स्टेशन जा पहुंची. पुलिसवाले उसकी बातें सुनकर हैरान रह गए.
उस वक्त वो महज 11 साल की थी. जब उसकी मौसी ने उस मासूम को दो लोगों के हाथों बेच डाला. उसी दिन से उस बच्ची का यौन शोषण होने लगा. नतीजा ये हुआ कि महज 12 साल की उम्र में वो मासूम बच्ची खुद एक बच्चे की मां बन गई. मगर ये कहानी यहीं खत्म नहीं हुई. जुल्मो सितम का सिलसिला जारी था. नतीजा ये हुआ कि जब वो 14 साल की होने वाली थी. वो फिर से मां बन गई. लेकिन दूसरे बच्चे की मां बनने के बाद उसने एक ऐसा कदम उठाया कि सब हैरान रह गए.
दरअसल, इस जुल्मो सितम और इंसानियत को शर्मसार करने वाली इस कहानी का खुलासा उस वक्त, हुआ जब वो 14 साल की लड़की अपने दो महीने के बच्चे को लेकर जयपुर के पुलिस स्टेशन जा पहुंची. पुलिसवाले उसकी बातें सुनकर हैरान रह गए. क्योंकि उसने किसी एक जुर्म की नहीं, बल्कि अपराधों की एक श्रृंखला का खुलासा किया, जो तीन साल पहले शुरू हुई थी.
ये वही वक्त था जब उस मासूम को महज 11 साल की उम्र में उसकी मौसी ने हरियाणा में एक शख्स को बेच डाला था. और तीन साल की कैद में रहते हुए उसने अपने पहले बच्चे को 12 साल की उम्र में जन्म दिया था. उस लड़की ने उस बच्चे को हरियाणा में उस शख्स के परिवार के साथ घर पर छोड़ दिया था.
पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि उस लड़की की शिकायत को पुलिस ने बड़ी गंभीरता से लिया और इस मामले की छानबीन में जुट गई. इसके बाद पुलिस ने लड़की की मौसी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया. सभी आरोपियों पर लड़की का व्यापार करने का इल्जाम है.
इस संगीन मामले के बारे में जानकारी देते हुए मुरलीपुरा थाने के एसएचओ सुनील कुमार ने बताया कि हरियाणा के चरखी दादरी जिले के बधवाना गांव के रहने वाले संदीप यादव और सतवीर यादव ने तीन साल पहले उस लड़की को उसकी मौसी से 2 लाख रुपये में खरीदा था.
हरियाणा के एक गांव में रहने के दौरान तीन साल में उस लड़की को दो बार बच्चे को जन्म देने के लिए मजबूर किया गया. एसएचओ के अनुसार, लड़की किसी तरह भागने में सफल रही और उसने मंगलवार को मुरलीपुरा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. उसने बताया कि वह मुरलीपुरा में अपने माता-पिता के साथ रहती थी, लेकिन झगड़े के बाद उसे नीमराणा में अपनी मौसी के पास भेज दिया गया था.

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