
0-2 से शर्मनाक हार, रिकॉर्डबुक तितर-बितर... फिर भी सलामत रहेगा गौतम गंभीर का पद, BCCI एक्शन लेने के मूड में नहीं
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भारतीय टीम को पहली बार टेस्ट क्रिकेट में रनों के लिहाज से इतनी बड़ी हार झेलनी पड़़ी है. बल्लेबाजों ने भारतीय टीम की लुटिया डुबोने में कोई कोसप बाकी नहीं रखी, वहीं गेंदबाज भी बेबस नजर आए. गौतम गंभीर के कुछ फैसलों ने भी टीम को चौंकाया. गौतम गंभीर की कोचिंग शैली पर भी सवाल उठ रहे हैं.
भारतीय टीम को साउथ अफ्रीका के खिलाफ गुवाहाटी टेस्ट मैच में 408 रनों से करारी हार का सामना करना पड़ा. इस हार के चलते भारतीय टीम ने दो मैचों की टेस्ट सीरीज 0-2 से गंवा दी. पूरे सीरीज में भारतीय टीम की बल्लेबाजी तो काफी निराशाजनक रही, वहीं गेंदबाजी में पुराना दमखम नजर नहीं आया.
भारतीय टीम की शर्मनाक हार के बाद टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर आलोचकों के निशाने पर हैं. ऐसा दूसरी बार है, जब गंभीर की कोचिंग में भारतीय टीम का अपने घर पर टेस्ट सीरीज में सफाया हुआ है. इससे पहले पिछले साल ने न्यूजीलैंड ने भारतीय जमीन पर टेस्ट सीरीज में 3-0 की ऐतिहासिक जीत हासिल की थी.
टेस्ट क्रिकेट में खराब प्रदर्शन के बावजूद भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) गौतम गंभीर पर एक्शन लेने के मूड में नहीं है. बीसीसीआई की गंभीर को कोच पद से हटाने की कोई नहीं है. भारतीय टीम को गंभीर के अंडर दूसरा घरेलू व्हाइटवॉश झेलना पड़ा है, लेकिन बोर्ड ने साफ कर दिया है कि गंभीर पर कोई भी कठोर या त्वरित फैसला नहीं लिया जाएगा. अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है.
'ट्रांजिशन फेज और अगला टी20 वर्ल्ड कप' बीसीसीआई के एक अधिकारी ने बताया कि भारतीय टीम इस समय ट्रांजिशन फेज में है, ऐसे दौर में फैसले जल्दबाजी में नहीं लिए जाते. अधिकारी ने कहा कि गौतम गंभीर का कॉन्ट्रैक्ट 2027 विश्व कप तक है और T20 वर्ल्ड कप भी करीब है, इसलिए कोचिंग में बदलाव का कोई सवाल ही नहीं उठता.
बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा, 'बीसीसीआई किसी भी फैसले को लेकर जल्दबाजी नहीं करेगा. टीम अभी बदलाव के दौर से गुजर रही है. जहां तक कोच गौतम गंभीर का सवाल है, तो हम उनके बारे में कोई फैसला नहीं लेंगे क्योंकि टी20 वर्ल्ड कप नजदीक है. उनका कॉन्ट्रैक्ट 2027 के वनडे विश्व कप तक है. बीसीसीआई चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन से बात करेगा, लेकिन कोई भी फैसला जल्दबाजी में नहीं लिया जाएगा.'
साउथ अफ्रीका के खिलाफ गुवाहाटी टेस्ट में हार के बाद गौतम गंभीर ने अपने फ्यूचर को लेकर कहा, 'यह बीसीसीआई को तय करना है. जब मैं हेड कोच बना था, तो मैंने अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी यही बात कही थी. भारतीय क्रिकेट महत्वपूर्ण है, मैं नहीं. मैं वही इंसान हूं, जिसने इंग्लैंड में नतीजे दिए, चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप जीता है. यह एक ऐसी टीम है, जो अभी सीख रही है.'

टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने भारतीय टीम की सबसे बड़ी चुनौती को लेकर आगाह किया है. उनका मानना है कि ओस के कारण स्पिन और तेज गेंदबाजी के संतुलन को लेकर टीम मैनेजमेंट को मुश्किल फैसले लेने पड़ेंगे. कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती को एक साथ खिलाना या नहीं, यही भारत के लिए सबसे बड़ा सवाल होगा.












