
हॉट सीट: राजनांदगांव पर भूपेश बघेल को मिल रही कड़ी टक्कर
AajTak
राजनांदगांव से उम्मीदवार छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल के लिए यह मुकाबला कड़ा है. राजनांदगांव से भाजपा ने संतोष पांडे को उतारा है. जानकारों की मानें तो सियासी हवा संतोष पांडे के पक्ष में ज्यादा है. कुछ ही महीनों पहले भूपेश बघेल राज्य का विधानसभा चुनाव भी हारे हैं.
देशभर में सात चरणों में चुनाव पूरे हो चुके हैं. एग्जिट पोल में NDA की सरकार बनती दिख रही है. इंडिया टुडे-एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल पर नजर डालें तो NDA को 361 से 401 सीट मिलने का अनुमान है. वहीं इंडिया गठबंधन को 131 से 166 सीट मिलने का अनुमान है. इस एग्जिट पोल में छत्तीसगढ़ के आंकड़े पर नजर डालें तो NDA क्लीन स्वीप करती दिख रही है. 11 सदस्यीय राज्य में 10-11 सीटें जीतने का अनुमान NDA के पक्ष में है. तो वहीं इंडिया गठबंधन 0-1 सीट जीत सकता है.
इसके साथ ही यह भी साफ हो जाता है कि राजनांदगांव से उम्मीदवार छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल के लिए यह मुकाबला कड़ा है. राजनांदगांव से भाजपा ने संतोष पांडे को उतारा है. जानकारों की मानें तो सियासी हवा संतोष पांडे के पक्ष में ज्यादा है. कुछ ही महीनों पहले भूपेश बघेल राज्य का विधानसभा चुनाव भी हारे हैं.
फिलहाल इस सीट पर भाजपा से संतोष पांडे, कांग्रेस से भूपेश बघेल, बसपा से देवलाल सिन्हा और अन्य भी कई उम्मीदवार मैदान में हैं.
कैसी है इस सीट की डेमोग्राफी
राजनांदगांव छत्तीसगढ़ राज्य का एक जिला है. दुर्ग जिले के विभाजन के बाद 26 जनवरी 1973 को राजनांदगांव जिला अस्तित्व में आया. राजनांदगांव छत्तीसगढ़ राज्य के 90 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है. राजनांदगांव संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत विधानसभा की 8 सीटें आती हैं, जिनमें से एक सीट अनुसूचित जनजाति और एक सीट अनूसूचित जाति के लिए सुरक्षित हैं. राजनांदगांव संसदीय क्षेत्र में जो विधानसभा सीटें आती हैं, उनमें पंढरिया, कवर्धा, खैरागढ़, राजनांदगांव, डोंगरगांव, डोंगरगढ़ (एससी), खुज्जी और मोहला-मानपुर (एसटी) विधानसभा सीटें शामिल हैं.
राजनांदगांव लोकसभा सीट पर साल 2014 में कुल 15 लाख 88 हजार 95 मतदाता थे, जिनमें से कुल 11 लाख 78 हजार 296 वोटरों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. इस सीट पर पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान पुरुष वोटरों की संख्या 7 लाख 94 हजार 427 थी, जिनमें से 6 लाख एक हजार 874 ने वोट डाला था.

इजरायल अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है, इस युद्ध के चलते भारत में भी ऊर्जा संकट पैदा हो रहा था, इसी संकट को लेकर पीएम मोदी ने आज संसद में पहली बार सार्वजनिक तौर पर बयान दिया. पश्चिम एशिया में जंग के हालातों पर पीएम मोदी ने लोकसभा में 25 मिनट की स्पीच दी उन्होंने कहा कि तनाव खत्म होना चाहिए. बातचीत से ही समस्या का समाधान है. पीएम ने कहा कि नागरिकों और पावर प्लांट पर हमले मंजूर नहीं हैं. होमुर्ज का रास्ता रोकना स्वीकार नहीं होगा ‘सरकार की कोशिश है कि देश में तेल-गैस संकट न हो. इसके लिए 27 की जगह अब 41 देशों से इंपोर्ट कर रहे हैं. पश्चिम एशिया में एक करोड़ भारतीय रहते हैं. उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है.

हैदराबाद में आगामी रामनवमी शोभा यात्रा को लेकर गोशामहल के विधायक टी. राजा सिंह ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि साल 2010 से लगातार शोभा यात्रा आयोजित की जा रही है, लेकिन हर साल पुलिस की ओर से बाधाएं खड़ी की जाती हैं. उनका आरोप है कि सिदंबर बाजार, पुराना पुल और बेगम बाजार जैसे इलाकों में विशेष रूप से लाठीचार्ज के लिए टास्क फोर्स तैनात की जाती है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि हर साल उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाती है और इस बार भी पुलिस अपनी गलतियों का ठीकरा उन पर फोड़ सकती है.

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में लोगों ने ईरान के समर्थन में सोना, चांदी और नकद दान किया. यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है. लोग एक जगह इकट्ठा होकर मदद के लिए आगे आए. बडगाम के विधायक मुंतज़िर मेहदी ने भी एक महीने की सैलरी दान करने की घोषणा की. यह घटना दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का असर दूर तक हो रहा है और लोग इंसानियत के लिए साथ खड़े हो रहे हैं.










