
हिटलर के सीक्रेट गिफ्ट को लेकर हुआ खुलासा... अपने साथियों को देता था ऐसे तोहफे
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दूसरे विश्व युद्ध के दौरान हिटलर अपने साथियों को सीक्रेट कार्ड और गिफ्ट भेजता था. आज से पहले कभी ऐसे कार्ड या गिफ्ट के बारे में कोई खुलासा नहीं हुआ था. पिछले महीने नीलाम हुई एक नाजी अफसर की चमड़े की डायरी से खुलासा हुआ कि हिटलर अपने प्रियपात्रों को चोरी के सामान गिफ्ट करता था.
हाल ही में सामने आई कुछ पुरानी चिट्ठियों और कार्डों से पता चलता है कि नाजी नेता एडॉल्फ हिटलर ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अपने सबसे कुख्यात साथियों में से एक को व्यक्तिगत रूप से चोरी के सामान गिफ्ट देकर पुरस्कृत किया था.
द मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, ये दस्तावेज हिटलर और उसके एक टॉप रैंक अफसर के बीच संबंध स्थापित करने वाले ऐतिहासिक प्रमाण हैं. हालांकि, हिटलर ने कई पार्टी अधिकारियों को पत्र लिखे थे, लेकिन ये पत्र विशेष रूप से दिलचस्प हैं. क्योंकि ये सभी पत्र चार साल की अवधि में एक ही व्यक्ति, ओटो टेल्शोव को भेजे गए थे.
ओटो को 1941 से 1944 तक हर साल क्रिसमस पर हिटलर से व्यक्तिगत तौर पर उपहार मिलते थे. गिफ्ट के साथ भेजे गए नोट में हिटलर ने काफी शेखी बघारी थी कि जो तोहफा दिया जा रहा है, उसे विदेशी शिपमेंट और नाजी कब्जे वाले क्षेत्रों से खुलेआम लिया गया था. यानी दूसरों की चीजें नाजियों ने चुराकर हिटलर को दी थी. उसमें से ही एक हिस्सा वह क्रिसमस गिफ्ट के तौर पर भेज रहा है.
एक पुरानी डायरी से हुआ खुलासा ये कार्ड हाल ही में खोजी गई एक डायरी का हिस्सा हैं. जिसका खुलासा मिरर ने पिछले महीने किया था. 1941 में हिटलर ने टेल्शोव को लिखा - मैं आपसे विनम्रतापूर्वक कॉफी का यह पैकेट एक छोटे से उपहार के रूप में स्वीकार करने का अनुरोध करता हूं. यह विदेश से मुझे भेजी गई एक बड़ी खेप का बचा हुआ हिस्सा है.
उस समय आम जर्मनों के लिए कॉफी मिलना मुश्किल था. फिर भी उपहारों में काफी भेजने का सिलसिला जारी रहा. 1942 में हिटलर ने फिर टेल्शोव को क्रिसमस गिफ्ट भेजा और लिखा - मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि इस वर्ष भी इस पैकेज को एक छोटे उपहार के रूप में स्वीकार करें. इसमें वे वस्तुएं शामिल हैं जो मुझे विदेशों से और कब्जे वाले क्षेत्रों से प्राप्त मिली थीं.
1943 में, उन्होंने लगभग उसी तरह के शब्दों को दोहराया. इस बार भी हिटलर ने गिफ्ट के तौर पर वही चीजें भेजी थीं, जो नाजी सेना दूसरे देशों में कब्जे के बाद चोरी करके हिटलर को भेजते थे. 1944 में, जब जर्मनी हार का सामना कर रहा था, तब भी हिटलर ने क्रिसमस पर एक पार्सल भेजा था. उसमें भी एक नोट था, जिसमें लिखा था - मैंने आपको पिछले वर्षों की तरह, यह छोटा सा क्रिसमस उपहार भेजा है. इसमें मेरे पास जो कुछ बचा था, उसका एक हिस्सा शामिल है.

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