
₹6.5 लाख करोड़ डूबे! इतने में पाकिस्तान का साल भर का बजट चल जाए, Meta का मेटावर्स हुआ फेल
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पांच साल पहले मार्क जकरबर्ग के एक फैसले ने पूरी दुनिया में कोहराम मचा दिया. मेटावर्स को लेकर वो इतने उत्साहित हुए कि कंपनी का नाम ही बदल डाला. 6.5 लाख करोड़ तक का निवेश किया गया. लेकिन अब ये सपना टूटता दिख रहा है. आइए समझते हैं आखिर कंपनी और जकरबर्ग से चूक कहां हो गई.
Meta ने अपने मेटावर्स प्लेटफॉर्म Horizon Worlds को लेकर बड़ा फैसला लिया है. कंपनी अब इसे बंद करने जा रही है. साथ ही वर्चुअल रिएलिटी (VR) एक्सपीरियंस पर नए इन्वेस्टमेंट और डेवलपमेंट को भी लिमिट किया जा रहा है.
यह फैसला सिर्फ एक प्रोडक्ट बंद करने का नहीं है, बल्कि यह इस बात का इशारा है कि Meta धीरे-धीरे अपने उसी मेटावर्स विजन से पीछे हट रही है, जिसे कभी मार्क जकबरबर्ग इंटरनेट का फ्यूचर बताया गया था.
मेटावर्स को फ्यूचर बता कर जकरबर्ग ने Facebook को Meta कर दिया
साल 2021 में फेसबुक सीईओ मार्क जकरबर्ग ने दुनिया को बताया था कि सोशल मीडिया का दौर खत्म होने वाला है और अगला मेटावर्स अगला बड़़ा प्लेटफॉर्म होगा. मेटावर्स यानी एक वर्चुअल दुनिया.
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हाइप इतनी बनी की मार्क जकरबर्ग ने फेसबुक का नाम बदलकर Meta कर दिया गया. यह टेक इंडस्ट्री में एक बड़ा मोड़ था. पहली बार किसी बड़ी कंपनी ने खुले तौर पर कहा कि वह इंटरनेट के अगले रूप को खुद बनाएगी.

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