
हल्दी-मेहंदी रस्म के बाद बारात निकालने की थी तैयारी, दूल्हा निकला नाबालिग; रोका गया बाल विवाह
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Chhattisgarh News: महिला एवं बाल विकास अधिकारी अनीता अग्रवाल ने बताया कि नाबालिग बालक के घर में हल्दी और मेहंदी की रस्म पूरी कर ली गई थी. मुंगेली जिला बारात जाने के लिए तैयारी चल रही थी. जिसे समय रहते बारात को रोका गया.
छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा जिले में जिला प्रशासन ने समय रहते एक बाल विवाह को रुकवा लिया. नाबालिग की बारात जिला मुंगेली जाने वाली थी. इससे पहले ही प्रशासन के अधिकारियों ने दूल्हे के माता-पिता को समझाइश देकर विवाह को रुकवा लिया.
मामला पामगढ़ जनपद पंचायत के ग्राम भिलौनी का है. मार्कशीट के आधार पर दूल्हे की उम्र 20 साल 9 माह 10 दिन पाई गई है. वही, मुंगेली जिले की बालिका की उम्र के लिए समन्वय किया गया. इसके बाद पुलिस और जिला प्रशासन की टीम ने दूल्हे के माता-पिता को शादी नहीं करने की समझाइश देते हुए कानूनी कार्रवाई से अवगत कराया गया.
दरअसल, जिला प्रशासन को सूचना मिली थी कि ग्राम भिलौनी में होने जा रही शादी में दूल्हे की उम्र कम है. जिस पर कलेक्टर आकाश छिकारा ने बाल विवाह रोकने के निर्देश दिए हैं. जिस पर महिला एवं बाल विकास अधिकारी अनीता अग्रवाल, जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजेंद्र जायसवाल और पुलिस की टीम ने नाबालिग बालक की शादी रुकवाई. विवाह के योग्य नहीं होने पर माता-पिता और परिजनों ने शादी रोकने पर सहमति जताई.
हल्दी-मेहंदी रस्म के बाद बारात निकलने की थी तैयारी
महिला एवं बाल विकास अधिकारी अनीता अग्रवाल ने बताया कि नाबालिग बालक के घर में हल्दी और मेहंदी की रस्म पूरी कर ली गई थी. मुंगेली जिला बारात जाने के लिए तैयारी चल रही थी. जिसे समय रहते बारात को रोका गया.
बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराया

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