
हरियाणा में मायावती की भूमिका यूपी से कितनी अलग होगी, दिल्ली की भी है तैयारी | Opinion
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आकाश आनंद हरियाणा चुनाव में पहले से ही कूद पड़े हैं, और अब मायावती भी शामिल होने वाली हैं. हरियाणा में भी आकाश आनंद के भाषण करीब करीब यूपी वाला ही फील दे रहे हैं - मायावती की रणनीति क्या है?
आकाश आनंत के हरियाणा में भी तेवर यूपी जैसे ही हैं, लेकिन निशाना थोड़ा अलग है. कहने को तो वो बीजेपी पर भी हमलावर हैं, लेकिन कांग्रेस की तुलना में थोड़ा कम. वैसी बातें तो बिलकुल नहीं जिसके लिए मायावती ने आकाश आनंद को अपरिपक्व करार दिया था.
वैसे आकाश आनंद कुछ ही दिन बेकार बैठे थे, डेढ़ महीने बाद ही उनको सारे सियासी खिलौने ससम्मान वापस भी मिल गये. उत्तराधिकार भी और बीएसपी के नेशनल कोऑर्डिनेटर का पद भी. भला हो भीम आर्मी वाले चंद्रशेखर आजाद का जिनकी नगीना लोकसभा सीट से जीत ने जिनके के राजनीतिक उभार के डर से मायावती ने ये कदम उठाया. आकाश आनंद की तरफ से चंद्रशेखर आजाद को एक मौन थैंक यू तो बनता ही है.
हाल ही में आकाश आनंद को हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए बीएसपी के स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल किया गया है, जिसमें मायावती और उनके पिता आनंद कुमार के ठीक बाद तीसरी पायदान पर उनका नाम दर्ज है.
आकाश आनंद का भाषण क्या कहता है
हरियाणा में आकाश आनंद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ काफी आक्रामक नजर आ रहे हैं.
कांग्रेस के साथ साथ बीजेपी को भी निशाने पर लेते हुए आकाश आनंद कह रहे हैं कि दोनो मिलकर संविधान बदलने और लोगों को बेरोजगार रखने की मुहिम चला रहे हैं, लेकिन राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे को खलनायक की तरह पेश कर रहे हैं. मल्लिकार्जुन खरगे भी कर्नाटक के दलित समाज से आते हैं.

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