
हरियाणा के राज्यपाल ने भंग की विधानसभा, अगली सरकार बनने तक कार्यवाहक CM बने रहेंगे नायब सैनी
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हरियाणा कैबिनेट ने हरियाणा विधानसभा भंग करने की सिफारिश राज्यपाल बंडारु दत्तात्रेय से की थी. इस सिफारिश को राज्यपाल ने मान लिया है और विधानसभा भंग करने का नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है. इसके साथ ही अब अगली सरकार बनने तक नायब सिंह सैनी कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहेंगे.
हरियाणा राज्यपाल ने कैबिनेट की सिफारिश के बाद विधानसभा भंग करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इसके मुताबिक सीएम नायब सिंह सैनी अगली सरकार बनने तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहेंगे. दरअसल, हरियाणा में 5 अक्टूबर को होने वाले चुनाव से पहले कैबिनेट ने विधानसभा भंग करने को मंजूरी दे दी थी. इसके बाद कैबिनेट ने राज्यपाल से भी हरियाणा विधानसभा भंग करने की सिफारिश की थी.
हरियाणा कैबिनेट ने हरियाणा विधानसभा भंग करने की सिफारिश राज्यपाल बंडारु दत्तात्रेय से की थी. इस सिफारिश को राज्यपाल ने मान लिया है और विधानसभा भंग करने का नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है. इसमें कहा गया है, "भारत के संविधान के अनुच्छेद 174 के खण्ड (2) के उप खण्ड (ख) द्वारा मुझे प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए मैं बंडारु दत्तात्रेय, राज्यपाल हरियाणा द्वारा विधानसभा का तत्काल विघटन करता हूं."
जानें क्यों कैबिनेट भंग करेंगे सीएम सैनी
हरियाणा विधानसभा का आखिरी सत्र 13 मार्च को बुलाया गया था. संवैधानिक रूप से छह महीने में एक बार विधानसभा सत्र बुलाना जरूरी है. इसलिए सरकार के लिए 12 सितंबर तक सदन की बैठक बुलाना जरूरी है. ऐसे में इस संवैधानिक संकट टालने के लिए मुख्यमंत्री को राज्यपाल से विधानसभा भंग करने की सिफारिश करनी होगी. विधानसभा के दो सत्रों के बीच छह महीने से ज्यादा का अंतराल नहीं होना चाहिए.
संवैधानिक संकट टालने के लिए मुख्यमंत्री को राज्यपाल से विधानसभा भंग करने की सिफारिश करनी होगी. संविधान के अनुच्छेद 174 (1) में स्पष्ट उल्लेख है कि विधानसभा के दो सत्रों के बीच छह महीने से ज्यादा का अंतराल नहीं होना चाहिए.
हरियाणा में एक ही चरण में होना है मतदान

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