
'हम बेटे के शव का इंतज़ार कर रहे हैं': जंग शुरू होने के बाद मारा गया भारतीय कौन है?
BBC
ईरान के साथ अमेरिका-इसराइल का युद्ध शुरू होने के बाद मारे गए भारतीय का नाम दीक्षित सोलंकी है. 32 साल के दीक्षित मूल रूप से दीव के रहने वाले थे, लेकिन उनका परिवार अभी मुंबई में रहता है.
28 फरवरी को अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर संयुक्त हवाई हमले शुरू किए थे. उसके बाद मध्य-पूर्व इलाक़े में लगातार जंग जारी है और इसमें एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है.
अमेरिका-ईरान युद्ध में मारे गए शख़्स का नाम दीक्षित सोलंकी था. 32 साल के दीक्षित मूलरूप से दीव के रहने वाले थे, लेकिन उनका परिवार अभी मुंबई के कांदिवली में रहता है.
दीक्षित के पिता अमृतलाल ने बीबीसी को बताया कि दीक्षित एमकेडी व्योम नामक एक तेल टैंकर पर ऑयलर नाविक के रूप में काम कर रहे थे, जो खनिज तेल ले जाता था.
उनका कहना है, "युद्ध में हमने अपना बेटा खो दिया, हमारा जीवन बर्बाद हो गया. अब हम कैसे जी सकते हैं? हम अपने बेटे के शव के आने का इंतज़ार कर रहे हैं, ताकि उसे अंतिम विदाई दे सकें."
1 मार्च की सुबह, ओमान की खाड़ी से गुज़रते समय एमकेडी व्योम पर हमला हुआ और उसमें आग लग गई. इस घटना में दीक्षित की मृत्यु हो गई.
हालांकि, ख़बर लिखे जाने तक घटना के पांच दिन गुज़रने के बाद भी दीक्षित का शव भारत नहीं लाया गया है.
सोलंकी परिवार और नाविक संघ ने नाराज़गी जताते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ संबंधित कंपनी ने भी अभी तक परिवार से संपर्क नहीं किया है.

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