
हमास ने इजरायल के खिलाफ छेड़ा साइकोलॉजिकल वॉर, क्यों असल जंग से घातक माना जाता है ये तरीका?
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हमास सिर्फ गोला-बारूद से ही इजरायल को नुकसान नहीं पहुंचा रहा, बल्कि उसने साइकोलॉजिकल वॉर भी छेड़ रखा है. वो अगवा किए हुए यहूदी लोगों की वीडियो जारी कर रहा है ताकि प्रेशर में आकर इजरायल कमजोर पड़ जाए. ये तरीका काफी पुराना लेकिन बेहद खतरनाक माना जाता रहा. अमेरिका से लेकर पाकिस्तान जैसे देश तक इसे आजमाते रहे.
हमास और इजरायल का युद्ध लगातार गहराता जा रहा है. युद्ध की शुरुआत हमास ने की थी, जब उसने इजरायली म्यूजिक फेस्टिवल में मौजूद लोगों को मारकर काफी लोगों को अगवा कर लिया. अब ये आतंकी गुट अपहृत लोगों और बच्चों की वीडियो जारी कर रहा है. हाल ही में एक युवती की क्लिप आई, जिसमें आतंकी उसके टूटे हुए हाथ का इलाज कर रहे हैं. ये एक तरह का मनोवैज्ञानिक युद्ध है, जो हमास ने इजरायल के खिलाफ छेड़ रखा है.
ब्रेन के साथ होता है खेल
इसे साइवॉर भी कहते हैं. जब दो दुश्मन आपस में भिड़ें तो लड़ाई लंबी चल सकती है. ये भी हो सकता है कि निपटारा ही न हो सके. ऐसे में अक्सर ही सैनिक या कई बार खुद देश की सरकार लड़ाई में शामिल हो जाती है. वो तरह-तरह के मनोवैज्ञानिक हथकंडे अपनाती है जिससे दुश्मन कमजोर होता जाए.
क्या कर रहा है हमास?
हमास का उदाहरण लें तो जैसे उसने इजरायली लोगों को उठा लिया. अब वो धीरे-धीरे उनकी वीडियो रिलीज कर रहा है. कुछ रो रहे हैं, कुछ आतंकियों को नेकदिल बता रहे हैं. लेकिन ऐसी हरेक वीडियो से इजरायल में रहते यहूदियों पर प्रेशर बन रहा है कि अगर समय रहते उन्होंने हथियार न डाले तो शायद अगवा किए गए लोगों की जान चली जाए.

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