
हड्डियां, सीसीटीवी फुटेज और जंगल से तालाब तक एक हफ्ते की जांच... श्रद्धा मर्डर केस में अब भी मिसिंग हैं ये लिंक
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दिल्ली पुलिस ने आफताब के नार्को टेस्ट के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं. आफताब लगातार पुलिस को गुमराह कर रहा है और अपने बयान बदल रहा है, ऐसे में उसके खिलाफ सबूत जुटाने में नार्को टेस्ट को काफी अहम होगा.
Shraddha Walker Murder Case: श्रद्धा वॉल्कर मर्डर केस की जांच अब जंगल से तालाब तक पहुंच चुकी है. एक हफ्ते से ज्यादा की जांच के दौरान पुलिस आरोपी आफताब अमीन पूनावाला से लगातार पूछताछ कर रही है. उसकी निशानदेही और बयानों के आधार पर सबूत और सुराग जुटाने की कोशिश कर रही है. अब इस नए हफ्ते में मामला आरोपी आफताब के नार्को टेस्ट तक जा पहुंचा है. अदालत ने उसके टेस्ट की इजाजत पहले ही दे दी थी. असल में पुलिस यह जानना चाहती है कि आफताब ने वारदात की जो भी कहानी पुलिस को सुनाई है, उसमें कितना सच है और कितना झूठ?
पुलिस ने की नार्को टेस्ट की तैयारी दिल्ली पुलिस ने आफताब के नार्को टेस्ट के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं. आफताब लगातार पुलिस को गुमराह कर रहा है और अपने बयान बदल रहा है, ऐसे में उसके खिलाफ सबूत जुटाने में नार्को टेस्ट को काफी अहम माना जा रहा है. दिल्ली पुलिस आफताब से टेस्ट के दौरान 51 सवाल पूछ सकती है. जानकारों के मुताबिक नार्को टेस्ट से पहले आरोपी का एक मेडिकल टेस्ट होगा. उसके बाद ही नार्को किया जा सकता है.
तालाब में हो सकता है श्रद्धा का सिर इससे पहले रविवार को दिल्ली पुलिस साउथ दिल्ली के मैदानगढ़ी में एक तालाब को खाली कराने पहुंची थी. दरअसल, आफताब ने पूछताछ में बताया कि उसने श्रद्धा का सिर इसी तालाब में फेंका था. उधर, दिल्ली पुलिस लगातार तीसरे दिन महरौली के जंगल में जांच करने पहुंची, यहां से अब तक शव के 17 टुकड़े बरामद हुए हैं. हालांकि, ये सभी हड्डियों के रूप में ही मिले हैं. पुलिस ने इन्हें फॉरेसिंक जांच के लिए भेज दिया है.
पुलिस के लिए अहम है सीसीटीवी फुटेज जांच की कड़ी में दिल्ली पुलिस को एक ऐसा सीसीटीवी फुटेज हाथ लगा है, जो इस मामले में आफताब के खिलाफ बड़ा सबूत साबित हो सकता है. ये सबूत है वो सीसीटीवी फुटेज, जिसमें आफताब अपने कांधे पर पिट्ठू बैग टांगे 18 अक्टूबर की रात सुनसान सड़क से गुजरता नजर आ रहा है. पुलिस को शक है कि ये तस्वीरें उस वक्त की हो सकती हैं, जब आफताब श्रद्धा की लाश के टुकडे निपटाने महरौली जंगल की तरफ जा रहा होगा. यानी शक इस बात का भी है कि आफताब ने श्रद्धा की लाश के टुकडे महज चंद दिनों में नहीं निपटाए, बल्कि ये सिलसिला कई महीनों तक यूं ही चलता रहा.
अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि 21 सेकंड के उस सीसीटीवी फुटेज को लाश के टुकड़े फेंकने की फुटेज के तौर पर क्यों देखा जा रहा है? तो पुलिस के ऐसा सोचने के पीछे कई वजहें हैं. मसलन
- पहली वजह ये कि कत्ल के बाद सबूत मिटाने को लेकर आफताब लगातार झूठ बोल रहा है, ऐसे बहुत मुमकिन है कि लाश निपटाने का सिलसिला उसके पकड़े जाने के चंद रोज़ पहले तक चलता रहा हो.

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