
सोशल मीडिया पोस्ट पर घिरी कर्नाटक कांग्रेस, डीके शिवकुमार ने टीम की लगाई क्लास
AajTak
कर्नाटक कांग्रेस ने गलती का एहसास होने पर तुरंत पोस्ट को डिलीट कर दिया. KPCC प्रमुख डीके. शिवकुमार ने कथित तौर पर पार्टी की सोशल मीडिया टीम की लताड़ लगाई है. यह घटना अब AICC नेतृत्व के ध्यान में आ गई है.
कांग्रेस की कर्नाटक यूनिट सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करने के बाद विवादों में घिर गई है. इस पोस्ट में कश्मीर को गलती से पाकिस्तान का हिस्सा दिखाया गया है. इस पोस्ट का मकसद पाकिस्तान को दिए गए IMF लोन की आलोचना करना था, जिसमें गलत नक्शा दिखाया गया था. अब सोशल मीडिया पर कांग्रेस की आलोचना हो रही है.
गलती का एहसास होने पर कांग्रेस ने तुरंत पोस्ट को डिलीट कर दिया. केपीसीसी प्रमुख डीके. शिवकुमार ने कथित तौर पर पार्टी की सोशल मीडिया टीम की लताड़ लगाई है. यह घटना अब AICC नेतृत्व के ध्यान में आ गई है.
'किसी ने की शरारत'
इस घटना को डिप्टी सीएम ने मामूली गलती बताया है और शरारत करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, 'किसी ने शरारत की है. उस गलती में शामिल सभी लोगों को हटा दिया गया है. मैंने उन लोगों को बर्खास्त कर दिया है जो इस मामले को संभाल रहे थे.'
बता दें कि ये कोई पहली बार नहीं है जब कांग्रेस द्वारा दिखाए गए विवादास्पद नक्शे को लेकर आलोचनाओं का शिकार हुई हो. इससे पहले दिसंबर 2024 में बेलगावी में महात्मा गांधी की अध्यक्षता वाले बेलगाम सत्र की 100वीं वर्षगांठ के मौके पर पार्टी की CWC बैठक के दौरान बेलगावी में कांग्रेस के बैनरों पर विवादित नक्शे देखे गए थे. प्रचार बैनरों पर नक्शे में जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्से गायब थे, जिस पर बीजेपी ने नाराजगी जताई थी.
इसे शर्मनाक बताते हुए भाजपा ने कांग्रेस पर अपने वोट बैंक को खुश करने की कोशिश करने का आरोप लगाया और इस घटना को इंटरनेशनल फाइनेंसर जॉर्ज सोरोस से भी जोड़ दिया था.

देश में लोकसभा चुनाव, विधानसभा चुनाव और स्थानीय निकाय चुनाव समय समय पर होते रहते हैं. सरकारें आती है और जाती हैं. पर देश के करीब हर शहर में कुछ ऐसी समस्याएं हैं जो शाश्वत हैं. जो कोई भी सरकार आए या जाए यथावत बनी रहती हैं. क्या इस बार बीएमसी से ये उम्मीद की जानी चाहिए कि मुंबई की इन समस्याओं से आम लोगों को निजात मिलेगी?

देश आज मकर संक्रांति, पोंगल और माघ बिहू जैसे महत्वपूर्ण त्योहार मना रहा है. ये त्योहार न केवल हमारी संस्कृति का हिस्सा हैं बल्कि इनका समाज और राजनीति पर भी गहरा प्रभाव है. इस वीडियो में हम बात करते हैं कि क्या 2026 की चुनावी क्रांति मकर संक्रांति से शुरू हो चुकी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पोंगल मनाने केंद्रीय मंत्री एल मुुरुगन के घर पहुंचे और तमिलनाडु के इस त्योहार को ग्लोबल फेस्टिवल बताया. साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पतंगबाजी की तस्वीरें भी चर्चा में हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा सरकार पर लोगों की आवाज दबाने के आरोपों के जवाब में बीजेपी ने पलटवार किया है.

आज का दंगल पश्चिम बंगाल में ईडी की कार्रवाई को लेकर हो रही सियासत पर है. 8 जनवरी को ईडी ने कोलकाता में आईपैक प्रमुख के घर और दफ्तर पर छापेमारी की थी. ईडी ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने छापे में बरामद सारे दस्तावेज ये कहकर छीन लिये थे कि ये उनकी पार्टी के सीक्रेट्स हैं. ईडी ने कोर्ट में भी यही अर्जी दी कि ममता ने जांच से जुड़े सबूत छीन लिए. उनकी सीबीआई जांचं की जाए. ममता बनर्जी की पार्टी की ओर से किसी तीसरे शख्स ने खुद को अधिकृत बताते हुए अर्जी दी की कि ईडी ने जो जब्ती की है उसमें टीएमसी के सीक्रेट्स हैं, उन्हें सुरक्षित रखा जाए.

अमृतसर में एक बार फिर 10 से अधिक स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरी ई-मेल मिली है, जिससे हड़कंप मच गया है. ई-मेल में राष्ट्रीय गान को लेकर भड़काऊ संदेश भी लिखे गए हैं. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. एसएसपी देहाती सुहैल मीर के अनुसार स्कूलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और हर पहलू से जांच जारी है.

पुलिस ने इमामों और धार्मिक संस्थानों से निजी और आर्थिक जानकारी मांगी है जिसे धार्मिक आजादी और सुरक्षा नीति के संदर्भ में विवादित माना जा रहा है. राजनीतिक नेताओं ने इसे मुसलमानों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई और सामूहिक संदेह की नीति बताया है. ये मामला घाटी में धार्मिक आजादी, भरोसे और सुरक्षा को लेकर एक बड़ी बहस का रूप ले चुका है.








