
सोनिया गांधी को राहत बरकरार, वोटर लिस्ट विवाद मामले की सुनवाई टली
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दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोनिया गांधी के खिलाफ मतदाता सूची में कथित जालसाजी के मामले में आज सुनवाई टाल दी है. याचिकाकर्ता वकील विकास त्रिपाठी की मांग पर सुनवाई टली, अगली सुनवाई 30 मार्च को होगी.
कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ मतदाता सूची में कथित जालसाजी को लेकर आज सुनवाई होनी थी. लेकिन इस मामले में दायर रिवीजन पिटीशन पर आज दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में होने वाली ये सुनवाई टल गई है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 30 मार्च को होगी.
आज की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से ही कोर्ट से सुनवाई टालने की मांग की गई थी. इसके बाद अदालत ने नई तारीख तय कर दी. ये याचिका वकील विकास त्रिपाठी की तरफ से दाखिल की गई है.
सोनिया गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग वाली याचिका को सितंबर में खारिज कर दिया गया था. मजिस्ट्रेट कोर्ट के इसी फैसले को त्रिपाठी ने चुनौती दी है.
क्या है पूरा विवाद? सोनिया गांधी के खिलाफ इस याचिका में नागरिकता और वोटर लिस्ट को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं. याचिका में दावा किया गया है कि सोनिया गांधी ने 30 अप्रैल 1983 को भारत की नागरिकता हासिल की थी. आरोप है कि नागरिकता मिलने से तीन साल पहले, यानी 1980 की वोटर लिस्ट में उनका नाम नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र में शामिल था.
याचिकाकर्ता ने सवाल उठाया है कि जब उनके पास 1983 तक नागरिकता नहीं थी, तो 1980 में किस आधार पर और किन दस्तावेजों के सहारे उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ा गया? क्या इसके लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया गया? याचिका में ये भी पूछा गया है कि 1982 में उनका नाम वोटर लिस्ट से क्यों हटाया गया था?
सोनिया गांधी ने खारिज किए आरोप

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