
बिहार में एक विधायक कितने का? और सबसे महंगा MLA किसका?
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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राजनीतिक दलों के चुनावी खर्च के आंकड़े दिलचस्प कहानी सुना रहे हैं. चुनाव आयोग में जमा आंकड़ों पर नजर डालने पर मालूम होता है कि सबसे ज्यादा खर्च बीजेपी ने किए, और सबसे कम मार्क्सवादी कम्यनिस्ट पार्टी ने - लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह है कि सबसे महंगा विधायक किसे पड़ा है?
'दूल्हा बिकता है, बोलो खरीदोगे?' यह टाइटल सॉन्ग दहेज के मामलों पर कटाक्ष था. और वैसे ही वायरल कवि दिनेश बावरा, विधायकों के बिकने की चर्चाओं पर मां-बेटे के संवाद के जरिए व्यंग्य पेश करते हैं. बेटे की फरमाइश पूरी करने के लिए मां कहती है, 'पहले बाप को बिकने तो दे!'
सत्ता परिवर्तन की खबरों के बीच विधायकों की कथित कीमत की जोरदार चर्चा रहती है. बातें चाहे महाराष्ट्र की हो रही हों, मध्य प्रदेश की या फिर कर्नाटक की, हर जगह से मिलती जुलती ही बातें सुनने को मिलती रही हैं - लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि किसी भी राजनीतिक दल को अपना एक विधायक बनाने में कितना खर्च आता है?
2025 के बिहार चुनाव में हुए खर्च का हिसाब ज्यादातर राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग में जमा कर दिया है. मालूम होता है कि सबसे ज्यादा खर्च बीजेपी ने किया है, लेकिन जेडीयू और आरजेडी के बैलेंसशीट जमा न करने के कारण उनके खर्च के आंकड़े उपलब्ध नहीं हो पाए हैं.
किसने कितना खर्च किया
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में सबसे ज्यादा खर्च बीजेपी ने किया है. अगर कांग्रेस के चुनाव खर्च से तुलना करें तो चार गुणा से भी ज्यादा. दिलचस्प बात ये है कि कांग्रेस ने अपनी कुल जमा पूंजी का 28 फीसदी खर्च कर दिया, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने सिर्फ 2 फीसदी.
1. बीजेपी ने बिहार चुनाव कैंपेन पर कुल 146.71 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. सबसे ज्यादा खर्च करने का एक फायदा तो यही है कि बीजेपी बिहार में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. चुनाव आयोग को दी गई रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यादातर खर्च ट्रैवल पर हुआ है, जिसमें स्टार प्रचारकों के आने जाने और मीडिया में दिए गए विज्ञापन शामिल हैं.

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