
सीजफायर होते ही पाकिस्तान ने खोला अपना एयरस्पेस, रोज हो रहा था करोड़ों का नुकसान
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भारत-पाकिस्तान के बीच जारी टेंशन और दोनों तरफ से हवाई हमलों और मिलिट्री एक्शन के बाद अब सीजफायर हो गया है. युद्ध विराम लागू होते ही पाकिस्तान ने अपने एयरस्पेस को खोल दिया है. एयरस्पेस बंद होने के बाद आर्थिक तौर पर बदहाल पाकिस्तान को रोजाना करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा था.पाकिस्तान ने भारतीय हवाई हमलों से बचने के लिए काफी समय तक जानबूझकर अपना एयर स्पेस कमर्शियल उड़ान के लिए खोल कर रखा था ताकि वो भारत के हमलों से बच सके.
भारत-पाकिस्तान के बीच बीते चार दिनों से जारी टेंशन और दोनों तरफ से हवाई हमलों और मिलिट्री एक्शन के बाद अब सीजफायर लागू हो चुका है. अमेरिका के हस्तक्षेप के बाद दोनों देशों में तत्काल प्रभाव से युद्ध विराम लागू किया गया है. इसके बाद पाकिस्तान ने अपने एयरस्पेस को खोल दिया है.
दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के बाद पाकिस्तान ने हाल ही में अपने वायुक्षेत्र (एयरस्पेस) को बंद कर दिया था. लेकिन अब दोनों देशों के बीच युद्ध विराम लागू होने के बाद इसे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए पूरी तरह खोल दिया है. यह फैसला पाकिस्तान में विमानन गतिविधियों को सामान्य करने की दिशा में लिया गया फैसला है.
पाकिस्तान ने खोला एयरस्पेस
पाकिस्तान के एयरपोर्ट्स अथॉरिटी के अनुसार, अब देश के सभी हवाई अड्डे पूरी तरह से संचालित हैं और नियमित उड़ानों के लिए उपलब्ध हैं. इससे यात्रियों और एयरलाइंस को बड़ी राहत मिली है, जो पहले एयरस्पेस प्रतिबंधों के कारण उड़ानों के स्थगन और देरी का सामना कर रहे थे.
पाकिस्तान सरकार द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया, 'अब पाकिस्तान का वायुक्षेत्र सभी प्रकार की हवाई यातायात के लिए पूर्ण रूप से खुला है.' गौरतलब है कि भारत-पाकिस्तान में जारी तनाव के बीच पाकिस्तान ने भारतीय हवाई हमलों से बचने के लिए काफी समय तक जानबूझकर अपना एयर स्पेस कमर्शियल उड़ान के लिए खोल कर रखा था ताकि वो भारत के हमलों से बच सके.
भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपने ब्रेस ब्रीफिंग में भी इसकी जानकारी दी थी. हालांकि बाद में जब भारत ने मिलिट्री एक्शन में तेजी लाई तो पाकिस्तान को मजबूर होकर कुछ समय के लिए अपने एयरस्पेस को बंद करना पड़ा था जिससे उससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द करना पड़ा था. इससे आर्थिक तौर पर बदहाल पाकिस्तान को रोजाना करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा था.

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