
'सिद्धू पार्टी से ऊपर नहीं, अब एक्शन जरूरी', पंजाब कांग्रेस प्रभारी की सोनिया गांधी को चिट्ठी
AajTak
नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ हरीश चौधरी ने सोनिया गांधी को पत्र लिखा है. पत्र में सिद्धू के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है. चौधरी ने इसे पार्टी का आंतरिक मामला बताया है.
ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) इंचार्ज हरीश चौधरी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने पत्र में लिखा है कि सिद्धू पार्टी से ऊपर नहीं हैं और अब उनके खिलाफ एक्शन जरूरी हो गया है. चौधरी ने सिद्धू के खिलाफ पार्टी विरोधी गतिविधियां और लगातार बयानबाजी को लेकर कार्रवाई की मांग की गई है. हरीश चौधरी ने इंडिया टुडे-आज तक को बताया कि यह हमारी पार्टी का आंतरिक मामला है.
चौधरी ने कहा कि अनुशासनहीनता को लेकर हमने नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ कांग्रेस आलाकमान को पत्र लिखा है. चौधरी ने कहा. 'हमने यह अनुशंसा की है कि सिद्धू से स्पष्टीकरण मांगा जाए कि क्यों न उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाए'.
सीएम भगवंत मान को ईमानदार और छोटा भाई बताया गौरतलब है कि पिछले दिनों नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब के सीएम भगवंत मान को ईमानदार और छोटा भाई बताया था. सिद्धू ने कहा था कि पंजाब की जनता ने बदलाव को इसलिए मौका दिया क्योंकि कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री ने माफियाओं के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया था. मेरी लड़ाई भी माफियाओं के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान मेरे छोटे भाई और ईमानदार हैं. मान को जरूरत है कि माफियाओं के खिलाफ करें.
कांग्रेस अध्यक्ष के पद से हटाए जाने पर सिद्धू चल रहे नाराज दरअसल, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष के पद से हटाए जाने के बाद से नवजोत सिंह सिद्धू नाराज चल रहे हैं. वे पिछले दिनों पंजाब कांग्रेस के नए प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के समारोह में शामिल हुए. हालांकि उन्होंने नए प्रमुख के साथ मंच साझा नहीं किया था. अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने खुद सिद्धू को आमंत्रित किया था.
सिद्धू ने तब बयान दिया तह कि कांग्रेस को बदलाव की जरूरत है और नए पंजाब कांग्रेस के प्रमुख एक युवा प्रतीक हैं. नवजोत सिंह सिद्धू पार्टी से निकाले गए नेताओं के साथ भी मीटिंग कर चुके हैं.
सिद्धू ने PK के साथ फोटो ट्वीट कर लिखा था सबसे अच्छे हैं हाल ही में चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कांग्रेस में शामिल होने का प्रस्ताव ठुकरा दिया. इसके बाद सिद्धू ने प्रशांत किशोर के साथ अपनी तस्वीर ट्वीट कर दी. ये बात भी सिद्धू के खिलाफ जा रही है. नवजोत सिंह सिद्धू ने इस तस्वीर के साथ लिखा कि पुराने मित्र पीके के साथ मुलाकात सुखद रही. उन्होंने लिखा, पुरानी शराब, पुराना सोना और पुराने दोस्त सबसे अच्छे होते हैं.

महाराष्ट्र के ठाणे में तीन नाबालिग लड़कियों के लापता होने से सनसनी फैल गई. कल्याण के बारावे गांव से दो सगी बहनें और उनकी 13 साल की भांजी घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटीं. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. एक अहम सूचना के आधार पर पुलिस टीम को लखनऊ भेजा गया है, जहां लड़कियों की तलाश की जा रही है.

छत्तीसगढ़ के रायपुर में मिड-डे मील योजना से जुड़े हजारों रसोइया और सहायिकाएं अपनी मांगों को लेकर तूता मैदान में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं. रसोइया संघ के अध्यक्ष के अनुसार, उन्हें मात्र 66 रुपये प्रतिदिन मानदेय मिलता है, जो उनके परिवार का खर्च चलाने के लिए अपर्याप्त है. ठंड के बावजूद वे 22 दिनों से धरना दे रहे हैं पर शासन के कोई प्रतिनिधि उनसे अब तक नहीं मिले हैं.

आठवीं शताब्दी में आदि शंकराचार्य ने चार शंकराचार्य पीठों की स्थापना की. उद्देश्य था हिंदू धर्म और दर्शन को बचाना और आगे बढ़ाना. ऐसा हुआ भी. लेकिन पिछली एक सदी में कई और शंकराचार्य पीठ गढ़ ली गईं. इन पर बैठने वालों में कलह आम हुई. चुनावी लाभ, उत्तराधिकार का झगड़ा, राजनीतिक हस्तक्षेप, और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं ने इस पद को धार्मिक से ज्यादा राजनीतिक बना दिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें लागू करने के लिए संसाधन और जिम्मेदारी तय करना जरूरी है. अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि प्रदूषण से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट दाखिल की गई है और विशेषज्ञ अध्ययन कर रहे हैं. कोर्ट ने एमिकस क्यूरी से सरकार के हलफनामे की जांच करने को कहा है और आगे की सुनवाई में योजनाओं के क्रियान्वयन पर फोकस करेगा.

यूपी सरकार अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है. श्रावस्ती, आगरा और मुजफ्फरनगर में अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोजर चलाया जा रहा है. खासकर अतिक्रमण क्षेत्र में कड़ी निगरानी के साथ बुलडोजर कार्रवाई तेज हुई है. सरकार का यह कदम अवैध निर्माण रोकने और नियम कानून का पालन सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

प्रयागराज में भारतीय वायुसेना के एक ट्रेनी माइक्रोलाइट विमान हादसे का शिकार हो गया. विमान शहर के बीचों-बीच एक तालाब में गिर गया. यह दुर्घटना केपी कॉलेज के पीछे हुई, जिससे इलाके में काफी अफरातफरी मची. हालांकि, राहत की बात यह रही कि विमान में सवार दोनों पायलट सुरक्षित निकाल लिए गए और उनकी जान बच गई. अधिकारी अभी इस हादसे के कारणों की जांच कर रहे हैं.







