
सिंगापुर ने कीड़ों की 16 किस्मों को दी खाने की मंजूरी, क्यों UN भी पशुओं की बजाय कीड़े-मकोड़ों को बनाना चाहता है फूड सोर्स?
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सिंगापुर की फूड एजेंसी ने 16 ऐसे कीड़े-मकोड़ों की लिस्ट बनाई है, जिन्हें खाना सुरक्षित है. ये इनसेक्ट जल्द ही बाजारों में सब्जी-फल की तरह बिकने आएंगे. सिंगापुर अकेला नहीं, बल्कि 128 ऐसे देश हैं, जहां कीड़ों को फूड आइटम में रखा जाता है. कुछ ऐसी भी जगहें हैं, जहां सौ से ज्यादा स्पीशीज खाई जाती रहीं. अब यूनाइटेड नेशन्स भी इसकी वकालत कर रहा है.
दुनिया में खाने की कमी को लेकर लगातार खबरें आ रही हैं. एक और चिंता ये है कि लोग खाते तो हैं, लेकिन पोषण नहीं मिल पाता. अब इसी कमी को पूरा करने के लिए सिंगापुर एक आइडिया लेकर आया. वो अपने यहां कीड़े-मकोड़ों को आधिकारिक तौर पर खाने में शामिल कर रहा है. सिंगापुर फूड एजेंसी (SFA) ने इसपर अप्रूवल देते हुए 16 ऐसे इनसेक्ट्स की पहचान भी कर ली, जिन्हें खाना इंसानों के लिए सेफ है.
SFA ने इंसेक्ट रेगुलेटरी फ्रेमवर्क बनाते हुए स्टेटमेंट जारी किया, जो ये तय करेगा कि खाना कितना सुरक्षित और सेहतमंद है. इसमें कहा गया कि चूंकि इनसेक्ट इंडस्ट्री नई है, और कीड़े नया फूड आइटम, इसलिए इसपर गाइडलाइन की जरूरत पड़ेगी. एजेंसी ऐसे कीड़ों या उनसे बने उत्पाद के इंपोर्ट की भी इजाजत देगी, जो इंसानों के लिए नुकसानदेह नहीं.
किन कीड़ों को माना गया खाने लायक इनमें झींगुर, मॉथ, अलग-अलग किस्म के टिड्डे, बीटल्स, सिल्कवॉर्म, मधुमक्खी और क्रिकेट की किस्में हैं, जो कुल मिलाकर 16 हैं.
क्यों बनाया जा रहा कीड़ों को खाने का सोर्स असल में सिंगापुर खाने-पीने के लिए ज्यादातर आयात पर निर्भर करता रहा. इसका कारण भी है. बेहद अमीर देश सिंगापुर जमीन के लिहाज से काफी सिकुड़ा हुआ है. करीब 700 स्क्वायर किलोमीटर में फैले देश में 55 लाख से ऊपर आबादी है, मतलब हर स्क्वायर किमी पर करीब-करीब साढ़े 8 हजार लोग. हालत ये है कि सिंगापुर में छत की बजाए लोग माचिस के डिब्बे की तरह डॉमेट्री में रह रहे हैं, जिनका महीने का किराया लाखों में है. ऐसे में खेती के लिए जमीन कहां से आए.
90 फीसदी खाना आयात होता है

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