
सांसद ने विदेश मंत्री से पूछा- क्या अडानी के बांग्लादेश बिजली समझौते में प्रधानमंत्री शामिल थे
The Wire
तृणमूल कांग्रेस के सांसद जवाहर सरकार ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर सवाल किया है कि क्या बांग्लादेश के साथ अडानी समूह द्वारा किए गए एक बिजली समझौते में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सक्रिय भूमिका निभाई थी.
नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद जवाहर सरकार ने तीन बार विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि वह बताएं कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बांग्लादेश और अडानी समूह के बीच कोयला आधारित आपूर्ति के बिजली खरीद समझौते का ‘स्वयं संचालन’ कर रहे थे.
रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने ये पत्र उन मीडिया रिपोर्ट्स को देखते हुए लिखे हैं जिनमें बांग्लादेश के अधिकारियों ने समझौते के बारे में ‘बेचैनी व्यक्त‘ की है. तबसे अडानी समूह शेयरों में हेरफेर और धोखाधड़ी के आरोपों में घिरा हुआ है.
जवाहर सरकार ने उनके इन पत्रों में इस ‘स्पष्ट रूप से अनुचित बिजली खरीद समझौते (पीपीए- पावर परचेज़ एग्रीमेंट)’ और बांग्लादेश में ‘व्यापक भारत विरोधी विचार’ पैदा करने की क्षमता पर भी टिप्पणी की है.
द वायर से बात करते हुए जवाहर सरकार ने कहा कि उन पत्रों में से किसी का भी कोई जवाब नहीं आया है और उन्होंने मंत्री को ‘उचित मौका’ देने के बाद ही इन्हें सार्वजनिक करने का फैसला किया है.

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