
'सम्मानजक विदाई मिलनी चाहिए थी...', चेतेश्वर पुजारा के रिटायरमेंट पर शशि थरूर का इमोशनल पोस्ट
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चेतेश्वर पुजारा के रिटायरमेंट के बाद कांग्रेस नेता शशि थरूर ने इस क्रिकेट के नाम एक इमोशनल पोस्ट शेयर किया. थरूर ने कहा कि पुजारा को सम्मानजनक विदाई मिलनी चाहिए थे, जिसके वो हकदार थे.
टेस्ट मैचों में रनों का अंबार लगाने वाले भारतीय क्रिकेटर चेतेश्वर पुजारा ने संन्यास ले लिया है. पुजारा ने 24 अगस्त (रविवार) को सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करके क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा की. 37 साल के पुजारा ने 103 टेस्ट मैच और 5 वनडे इंटरनेशनल मुकाबलों में भारतीय टीम का प्रतिनिधत्व किया. पुजारा आखिरी बार भारत के लिए वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल (2023) में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध खेलने उतरे थे.
चेतेश्वर पुजारा के रिटायरमेंट के बाद कांग्रेस नेता और लोकसभा सांसद शशि थरूर ने एक इमोशनल पोस्ट शेयर किया है. थरूर ने कहा कि चेतेश्वर पुजारा जैसे शानदार टेस्ट बल्लेबाज को सम्मानजनक विदाई मिलनी चाहिए थी. थरूर ने कहा कि पुजारा जिस मुकाम तक पहुंचे, उसके लिए काफी त्याग करना पड़ता है.
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शशि थरूर ने X पर लिखा, "चेतेश्वर पुजारा के रिटायरमेंट से मन में एक कसक है. भले ही हालिया समय टीम इंडिया से बाहर किए जाने के बाद यह फैसला लगभग तय था, भले ही अब उनके पास साबित करने के लिए कुछ बाकी नहीं था, लेकिन वो थोड़े और समय टीम के लिए खेलने और अपने शानदार टेस्ट करियर के लिए एक सम्मानजनक विदाई के हकदार थे."
हिम्मत दिखाई और घरेलू क्रिकेट में वापसी की: शशि थरूर शशि थरूर लिखते हैं, "जब उन्हें टीम से बाहर किया गया, तो उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए घरेलू क्रिकेट में वापसी की और कई शानदार इनिंग्स खेलीं. लेकिन चयनकर्ताओं ने पहले ही आगे बढ़ने का फैसला कर लिया था. ऐसे में पुजारा का संन्यास लेना गलत नहीं कहा जा सकता."
शशि थरूर ने आगे लिखा, "मैं उनकी पत्नी (पूजा पुजारा) की किताब 'द डायरी ऑफ ए क्रिकेटर्स वाइफ’ पढ़ रहा था और सोच रहा था कि पुजारा ने जो कुछ हासिल किया है, उसके लिए कितना कुछ करना पड़ता है. करीब 20 साल पहले भारत-ए टीम के इंग्लैंड दौरे के दौरान उन्होंने मेरा ध्यान आकर्षित किया था, जब उनके लगातार रन बनाने से पता चला कि वे अगले पड़ाव के लिए तैयार हैं. चयनकर्ताओं ने भी सहमति जताई और डेब्यू टेस्ट मैच की दूसरी पारी में उन्होंने 72 रन बनाए. उसके बाद एक-दो असफलताओं के बावजू वो तीसरे नंबर पर भारत के मिस्टर भरोसेमंद बन गए. ऑस्ट्रेलिया के पिछले दौरे पर उनकी बहुत कमी खली. ऑल द बेस्ट, चेतेश्वर पुजारा, वर्षों तक भारतीय क्रिकेट की सेवा करने के लिए आपका धन्यवाद.'

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