
सबसे महंगा गिफ्ट... कतर रॉयल फैमिली से ट्रंप को मिलने जा रहा 40 करोड़ डॉलर का विमान
AajTak
इस लग्जरी बोइंग 747-8 जंबो जेट विमान को Flying Palace कहा जाता है. इसकी कीमत तकरीबन 40 करोड़ डॉलर है. अमेरिकी सरकार को अब तक किसी विदेशी सरकार की ओर से मिलने वाला यह सबसे महंगा गिफ्ट होगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज से तीन देशों के दौरे पर रवाना होंगे. इसके तहत वह सबसे पहले सऊदी अरब जाएंगे. इसके बाद कतर और फिर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का दौरा करेंगे. राष्ट्रपति ट्रंप को कतर के दौरे के दौरान शाही परिवार से एक लग्जरी बोइंग एयरक्राफ्ट उपहार में मिलने जा रहा है.
इस लग्जरी बोइंग 747-8 जंबो जेट एयरक्राफ्ट को Flying Palace कहा जाता है. इसकी कीमत तकरीबन 40 करोड़ डॉलर है. अमेरिकी सरकार को अब तक किसी विदेशी सरकार की ओर से मिलने वाला यह सबसे महंगा गिफ्ट होगा.
कहा जा रहा है कि 2029 में राष्ट्रपति ट्रंप का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इस विमान का इस्तेमाल किया जा सकेगा. इस विमान को अस्थायी रूप से एयर फोर्स वन के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल करने की योजना है, जो अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक विमान होता है.
ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के अंत में इस विमान को ट्रंप प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी फाउंडेशन को दान कर दिया जाएगा, जिसके बाद ट्रंप इसका निजी उपयोग कर सकते हैं.
आधिकारिक तौर पर इसका ऐलान अगले हफ्ते किया जाएगा. वहीं, व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस हफ्ते ट्रंप के कतर दौरे दौरान उन्हें यह भेंट नहीं किया जाएगा.

यूक्रेन पर रूस ने एक ही रात में 200 से अधिक स्ट्राइक ड्रोन दागकर भीषण हमला किया है. इस हमले में सुमी, खार्किव, नीप्रो और ओडेसा सहित कई इलाके निशाने पर रहे, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हुए हैं. राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इन हमलों के बीच देश की आंतरिक मजबूती और मरम्मत दलों के काम की सराहना की है.

गाजा पुनर्विकास के लिए ट्रंप की शांति योजना के तहत 'बोर्ड ऑफ पीस' के सदस्यों का ऐलान कर दिया गया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद उसके अध्यक्ष होंगे. इधर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो भी उन नेताओं में शामिल हैं, जिन्हें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा संघर्ष समाप्त करने की व्यापक योजना के तहत गाजा के पुनर्विकास के लिए 'बोर्ड ऑफ पीस' में नामित किया गया है. देखें अमेरिकी से जुड़ी बड़ी खबरें.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे. प्रधानमंत्री की अगुवाई में US कॉन्सुलेट तक मार्च निकाला गया. जबकि डेनमार्क और यूरोप ने NATO मौजूदगी बढ़ाने का संकेत दिया है. ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने से जुड़े बयान दिए हैं, जिसके बाद लोगों की नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है.

अमेरिका और ईरान में इस समय टकराव देखने को मिल रहा है. अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के संकेत दे रहा है. अमेरिका का विमानवाहक युद्धपोत अब्राहम लिंकन समुद्र के रास्ते ईरान के करीब पहुंच चुका है जिससे ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध की आशंकाएं बढ़ गई हैं. हालांकि, अरब देश अमेरिका को ईरान पर हमला करने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं. लगातार धमकियों के बावजूद ईरान पर सीधे हमले से क्यों बच रहा अमेरिका? देखें श्वेतपत्र.

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए हैं. अमेरिका का विमानवाहक युद्धपोत अब्राहम लिंकन समुद्र के रास्ते ईरान के करीब पहुंच चुका है जिससे ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध की आशंकाएं बढ़ गई हैं. वहीं अरब देश अमेरिका को ईरान पर हमला करने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं. दूसरी ओर, ईरान ने इजरायल के आठ प्रमुख शहरों पर हमले की योजना तैयार की है. इस बढ़ती तनाव की स्थिति से मध्य पूर्व में सुरक्षा खतरे और बढ़ सकते हैं.

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला करते हुए ट्रंप को ईरान में हुई मौतों, नुकसान और बदनामी के लिए जिम्मेदार ठहराया और उन्हें 'अपराधी' बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान में हालिया अशांति अमेरिका की साजिश है और ट्रंप ने खुद इसमें दखल देकर प्रदर्शनकारियों को उकसाया.

व्हाइट हाउस ने गाजा को फिर से बसाने और उस पर शासन के लिए बने 'बोर्ड ऑफ पीस' के सदस्यों की लिस्ट जारी की है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप बोर्ड के अध्यक्ष होंगे. जबकि विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर सदस्य होंगे. देखें दुनिया आजतक.






