
ईरान पर हमला अमेरिका के लिए मुश्किल क्यों? देखें श्वेतपत्र
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अमेरिका और ईरान में इस समय टकराव देखने को मिल रहा है. अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के संकेत दे रहा है. अमेरिका का विमानवाहक युद्धपोत अब्राहम लिंकन समुद्र के रास्ते ईरान के करीब पहुंच चुका है जिससे ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध की आशंकाएं बढ़ गई हैं. हालांकि, अरब देश अमेरिका को ईरान पर हमला करने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं. लगातार धमकियों के बावजूद ईरान पर सीधे हमले से क्यों बच रहा अमेरिका? देखें श्वेतपत्र.

पाकिस्तान ने देर रात अफगानिस्तान पर एयर स्ट्राइक की. पाकिस्तान ने काबुल के कई इलाकों को निशाना बनाया. इसमें 400 से ज्यादा लोगों के मारे जाने का दावा है और 250 से ज्यादा लोगों घायल हैं. तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सेना ने काबुल में एक नशा मुक्ति अस्पताल पर बम गिराए. तालिबान ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताया है और कहा कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की हवाई सीमा का उल्लंघन किया है. वहीं पाकिस्तान सरकार ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया.

ईरान UAE के शहरों पर भीषण हमले कर रहा है. दुबई मॉल के आसपास स्थित पुलों पर अब बिल्कुल सन्नाटा पसरा हुआ है. रात के 11 बजे होने के बावजूद वहां लोग नहीं दिख रहे हैं जो आमतौर पर बहुत भीड़ होती थी. यहां के प्रसिद्ध रेस्टोरेंट पहले फुटबॉल मैच देखने वालों से भरे रहते थे और जगह कम पड़ जाती थी. लेकिन अब वहां केवल कुछ ही लोग हैं और रेस्टोरेंट के अंदर भी भीड़ बिलकुल नहीं है. बुर्ज खलीफा के पास का इलाका भी पूरी तरह शांत है, जहां कभी शोर शराबा होता था, अब वहां एकदम सन्नाटा है. देखें वीडियो.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ उनका ऑपरेशन पूरी ताकत से जारी है. उन्होंने बताया कि अब तक 7,000 से अधिक ईरानी सैन्य ठिकानों और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया जा चुका है. ट्रंप ने कहा कि मिसाइल और ड्रोन फैक्ट्रीज सहित सभी सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाया गया है, और ईरान की नेवी और एयर फोर्स को भी पूरी तरह खत्म कर दिया गया है. देखें वीडियो.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से तेल के बाजार में उथल-पुथल मची है. ट्रंप की मुश्किल ये है कि कुछ महीने बाद नवंबर में अमेरिका में मिडटर्म चुनाव होने हैं. जिसे देखते हुए ट्रंप की पार्टी के ही लोग इकॉनमी पर उनसे ज्यादा ध्यान देने की मांग कर रहे हैं. तेल के दाम बढ़ने से अमेरिका में महंगाई भी धीरे धीरे बढ़ रही है. ऐसे में अगर ये युद्ध लंबा खिंचता है तो इससे ट्रंप की सियासी मुसीबत बढ़नी तय हैं. देखें वीडियो.

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच मिडिल ईस्ट वॉर से भी पहले से जंग चल रही है. पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार टीटीपी जैसे आतंकी समूहों को पनाह दे रही है जो पाकिस्तान में हमले करते हैं. लेकिन तालिबान ने इन आरोपों को खारिज किया है. दोनों देशों का झगड़ना चीन के हितों के खिलाफ जा रहा है जिसे देखते हुए उसने एक प्रस्ताव रखा था. पाकिस्तान ने सामने से उसे खारिज कर दिया है.








