
सत्येंद्र जैन से जुड़ी 7.44 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच, आय से अधिक संपत्ति मामले में ED का एक्शन
AajTak
सीबीआई ने सत्येंद्र कुमार जैन, उनकी पत्नी श्रीमती पूनम जैन और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) के साथ 13(1)(ई) के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी. इसमें आरोप लगाया गया था कि सत्येंद्र कुमार जैन ने दिल्ली सरकार में मंत्री रहते हुए 14 फरवरी 2015 से 31 मई 2017 के दौरान आय से अधिक संपत्ति अर्जित की थी.
ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन से जुड़ी कंपनियों की 7.44 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी अटैच कर ली है. यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत की गई है. ईडी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा 24 अगस्त, 2017 को दर्ज एफआईआर के आधार पर सत्येंद्र जैन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी.
सीबीआई ने सत्येंद्र कुमार जैन, उनकी पत्नी पूनम जैन और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) के साथ 13(1)(ई) के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी. इसमें आरोप लगाया गया था कि सत्येंद्र कुमार जैन ने दिल्ली सरकार में मंत्री रहते हुए 14 फरवरी 2015 से 31 मई 2017 के दौरान आय से अधिक संपत्ति अर्जित की थी. सीबीआई ने 3 दिसंबर 2018 को सत्येंद्र जैन, पूनम जैन और अन्य के खिलाफ इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी.
यह भी पढ़ें: सीआईडी ने पकड़ा बच्चों के अश्लील वीडियो बेचने का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, झारखंड से दो गिरफ्तार
इससे पहले ईडी ने 31 मार्च, 2022 को सत्येंद्र जैन की कंपनियों की 4.81 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया था और 27 जुलाई, 2022 को प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट (PC) दायर की थी. न्यायालय ने 29 जुलाई, 2022 को इस पीसी का संज्ञान लिया. जांच के दौरान, ईडी ने खुलासा किया कि नवंबर 2016 में, नोटबंदी के तुरंत बाद, सत्येंद्र जैन के करीबी सहयोगी अंकुश जैन और वैभव जैन ने इनकम डिस्क्लोजर स्कीम (IDS के तहत एडवांस टैक्स के रूप में बैंक ऑफ बड़ौदा की भोगल शाखा में 7.44 करोड़ रुपये नकद जमा किए थे. आईडीएस के तहत, उन्होंने 2011-2016 के बीच अकिंचन डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, पर्यस इन्फोसॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, मंगलायतन प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और इंडो मेटल इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड के खातों में प्राप्त 16.53 करोड़ रुपये की आय/संपत्ति का लाभकारी स्वामित्व होने का दावा किया था, जबकि ये कंपनियां वास्तव में सत्येंद्र जैन के स्वामित्व और नियंत्रण में थीं. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट और दिल्ली हाई कोर्ट ने अंकुश जैन और वैभव जैन को सत्येंद्र जैन के लिए बेनामी संपत्ति धारक माना था.
यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र सदन घोटाले में चमनकर बंधुओं के खिलाफ ईडी की कार्यवाही रद्द, छगन भुजबल अब भी आरोपी
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सत्येंद्र जैन की विशेष अनुमति याचिकाओं (SLPs) और पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज कर दिया था. ईडी ने यह जानकारी सीबीआई के साथ पीएमएलए, 2002 की धारा 66(2) के तहत साझा की. इस जानकारी के आधार पर, सीबीआई ने आगे की जांच की और सत्येंद्र जैन के दिल्ली सरकार में मंत्री रहने के दौरान आय से अधिक संपत्ति को बढ़ाते हुए एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की. सीबीआई की इस चार्जशीट के बाद, ईडी ने अब सत्येंद्र जैन से जुड़ीं 7.44 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को चिह्नित और अटैच किया है. ईडी द्वारा इस मामले में अब तक कुल 12.25 करोड़ रुपये (4.81 करोड़ रुपये + 7.44 करोड़ रुपये) की अपराध की आय अटैच की जा चुकी है.

Guna Hawala Scandal: गुना का हाईप्रोफाइल हवाला कांड अब एक नई करवट ले रहा है. जहां एक तरफ ट्रेनी IPS आयुष जाखड़ की जांच टीम गुजरात के व्यापारी को बयान के लिए बुला रही है, वहीं दूसरी तरफ निवर्तमान एसपी अंकित सोनी के तबादले ने शहर में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है. 'लेडी सिंघम' हितिका वासल ने कमान संभाल ली है, लेकिन अंकित सोनी के समर्थन में हिंदू संगठन सड़कों पर उतर आए हैं.

इजरायल अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है, इस युद्ध के चलते भारत में भी ऊर्जा संकट पैदा हो रहा था, इसी संकट को लेकर पीएम मोदी ने आज संसद में पहली बार सार्वजनिक तौर पर बयान दिया. पश्चिम एशिया में जंग के हालातों पर पीएम मोदी ने लोकसभा में 25 मिनट की स्पीच दी उन्होंने कहा कि तनाव खत्म होना चाहिए. बातचीत से ही समस्या का समाधान है. पीएम ने कहा कि नागरिकों और पावर प्लांट पर हमले मंजूर नहीं हैं. होमुर्ज का रास्ता रोकना स्वीकार नहीं होगा ‘सरकार की कोशिश है कि देश में तेल-गैस संकट न हो. इसके लिए 27 की जगह अब 41 देशों से इंपोर्ट कर रहे हैं. पश्चिम एशिया में एक करोड़ भारतीय रहते हैं. उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है.

हैदराबाद में आगामी रामनवमी शोभा यात्रा को लेकर गोशामहल के विधायक टी. राजा सिंह ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि साल 2010 से लगातार शोभा यात्रा आयोजित की जा रही है, लेकिन हर साल पुलिस की ओर से बाधाएं खड़ी की जाती हैं. उनका आरोप है कि सिदंबर बाजार, पुराना पुल और बेगम बाजार जैसे इलाकों में विशेष रूप से लाठीचार्ज के लिए टास्क फोर्स तैनात की जाती है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि हर साल उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाती है और इस बार भी पुलिस अपनी गलतियों का ठीकरा उन पर फोड़ सकती है.










