
'सत्ता के नशे में चूर है हेमंत सरकार, मईया योजना जनता को गुमराह करने के लिए', सीता सोरेन ने बोला हमला
AajTak
सीता सोरेन ने कहा कि सहायक अध्यापक,अनुबंध कर्मी,सहायक पुलिसकर्मी जैसी भर्तियों के लिए जब राज्य में जब शांतिपूर्ण आंदोलन हुए तो उनपर लाठियां बरसाईं गईं. मौजूदा सरकार अपने वोट बैंक को चमकाने के लिए सिर्फ प्रलोभन वाली योजनाएं ला रही है.
झारखंड की बीजेपी नेता और सीएम हेमंत सोरेन की भाभी सीता सोरेन ने राज्य की झामुमो सरकार पर हमला बोला है. गिरिडीह के सरिया में एक धार्मिक में पहुंचीं सीता सोरेन ने कहा कि झारखंड की मौजूदा झामुमो सरकार से राज्य की सभी जनता त्रस्त है. हर जगह लूट,हत्या और डकैती की घटनाएं हो रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार में अपराधी बेलगाम हैं और सत्तापक्ष के नेता भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं.
मईया योजना को लेकर भी बोला हमला सीता सोरेन ने आरोप लगाया कि आने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए जनता को बरगलाने के लिए सरकार ने मईया सम्मान योजना की शुरुआत की. लेकिन स्थिति यह है कि लोग फॉर्म नहीं भर पा रहे हैं. सर्वर डाउन है. सीता सोरेन ने कहा कि आदिवासियों के सम्मान की बात करने वाले हेमंत सोरेन की सरकार को इस राज्य की जनता देख रही है.
उन्होंने कहा कि जब जरूरत पड़ी तो चम्पई सोरेन को राज्य का सीएम बनाया गया. फिर जेल से बाहर निकलते ही हेमंत सोरेन सत्ता के लालच में अपनी लूट और ओछी राजनीति की रोटी सेंकने के लिए फिर से मुख्यमंत्री के पद पर काबिज हो जातें हैं. सीता सोरेन ने कहा कि सभी लोग अपनी जेब गर्म करने में लगे हुए हैं.जबकि झारखंड में बेरोजगार युवा रोजगार की भीख मांग रहे हैं.
रोजगार मांगने वालों को मिल रही लाठियां सीता सोरेन ने कहा कि सहायक अध्यापक,अनुबंध कर्मी,सहायक पुलिसकर्मी जैसी भर्तियों के लिए जब राज्य में जब शांतिपूर्ण आंदोलन हुए तो उनपर लाठियां बरसाईं गईं. मौजूदा सरकार अपने वोट बैंक को चमकाने के लिए सिर्फ प्रलोभन वाली योजनाएं ला रही है.
यह भी पढ़ें: झारखंड: निर्दलीय विधायक सरयू राय जेडीयू में शामिल, संजय झा ने दिलाई सदस्यता
सीता सोरेन ने उपेक्षा का लगाया था आरोप बता दें कि सीता सोरेन ने परिवार की ओर से उपेक्षा का आरोप लगाकर झामुमो से इस्तीफा दिया था. सीता सोरेन ने कहा था कि शिबू सोरेन (गुरुजी बाबा) ने हम सभी को एकजुट रखने के लिए कठिन परिश्रम किया. अफसोस कि उनके अथक प्रयासों के बावजूद विफल रहे. मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ भी गहरी साजिश रची जा रही है.

नितिन नबीन बीजेपी के सबसे युवा अध्यक्ष हैं. पीएम मोदी ने आज नितिन नबीन को मिलेनियल बताया. नितिन नबीन के लिए 2026 की चुनावी चुनौती बड़ी है, क्योंकि बंगाल, केरल, और तमिलनाडु में बीजेपी कभी सत्ता में नहीं रही. 2027 में यूपी का भी चुनाव है. सवाल है कि क्या नितिन नबीन के युवा नेतृत्व का जोश, क्या विपक्ष को और मुसीबत में डालने वाला है? देखें हल्ला बोल.

अहमदाबाद के घाटलोडिया इलाके में नेशनल स्कूल के बाहर दसवीं के छात्र पर जानलेवा हमला हुआ है. परीक्षा खत्म होने के तुरंत बाद 8 से 10 हमलावरों ने छात्र को घेर लिया और उसे स्कूल से लगभग 50 मीटर दूर तक घसीट कर चाकू, पाइप और लकड़ी से बेरहमी से मारा. इस मामले में स्कूल के चार छात्र और उनके साथी शामिल हैं. पुलिस ने बताया कि यह हमला पुरानी रंजिश के कारण हुआ है.

जम्मू-कश्मीर के किश्तवार जिले में ऑपरेशन त्राशी-1 के दौरान सुरक्षा बलों ने आतंकियों की छिपने की जगह का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है. यह ऑपरेशन आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के तहत किया गया जिसमें आतंकियों को पकड़ने और उन्हें मार गिराने के उद्देश्य से सुरक्षा बल सक्रिय थे. इस अभियान में आतंकियों के छिपने के स्थान का पता चलने से इलाके में सुरक्षा अभी और सख्त हो गई है.

प्रयागराज माघ मेला प्राधिकरण ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य पद के दावे पर नोटिस जारी किया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के अक्टूबर 2022 के आदेशों का हवाला दिया गया है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि नोटिस सुप्रीम कोर्ट की अवमानना है और उन्होंने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है.

कोर्ट ने पारदर्शी और जवाबदेह प्रणाली बनाने पर जोर दिया ताकि बिना नसबंदी वाले कुत्तों की रिपोर्टिंग हो सके. 28 जनवरी को सरकारों की ओर से सॉलिसिटर जनरल अपनी दलीलें प्रस्तुत करेंगे. कोर्ट ने एनिमल राइट्स एक्टिविस्ट के पॉडकास्ट पर नाराजगी जताई और मामले की गंभीरता को रेखांकित किया. ये सुनवाई आवारा कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.








