Primary Country (Mandatory)

Other Country (Optional)

Set News Language for United States

Primary Language (Mandatory)
Other Language[s] (Optional)
No other language available

Set News Language for World

Primary Language (Mandatory)
Other Language(s) (Optional)

Set News Source for United States

Primary Source (Mandatory)
Other Source[s] (Optional)

Set News Source for World

Primary Source (Mandatory)
Other Source(s) (Optional)
  • Countries
    • India
    • United States
    • Qatar
    • Germany
    • China
    • Canada
    • Singapore
    • World
  • Categories
    • National
    • International
    • Business
    • Entertainment
    • Sports
    • Special
    • All Categories
  • Available Languages for United States
    • English
  • All Languages
    • English
    • Hindi
    • Arabic
    • German
    • Chinese
    • French
  • Sources
    • India
      • AajTak
      • NDTV India
      • The Hindu
      • India Today
      • Zee News
      • NDTV
      • BBC
      • The Wire
      • News18
      • News 24
      • The Quint
      • ABP News
      • Zee News
      • News 24
    • United States
      • CNN
      • Fox News
      • Al Jazeera
      • CBSN
      • NY Post
      • Voice of America
      • The New York Times
      • HuffPost
      • ABC News
      • Newsy
      • USA TODAY
      • NBC News
      • CNBC
    • Qatar
      • Al Jazeera
      • Al Arab
      • The Peninsula
      • Gulf Times
      • Al Sharq
      • Qatar Tribune
      • Al Raya
      • Lusail
    • Germany
      • DW
      • ZDF
      • ProSieben
      • RTL
      • n-tv
      • Die Welt
      • Süddeutsche Zeitung
      • Frankfurter Rundschau
    • China
      • China Daily
      • BBC
      • The New York Times
      • Voice of America
      • Beijing Daily
      • The Epoch Times
      • Ta Kung Pao
      • Xinmin Evening News
    • Canada
      • CBC
      • Radio-Canada
      • CTV
      • TVA Nouvelles
      • Le Journal de Montréal
      • Global News
      • BNN Bloomberg
      • Métro
    • Singapore
      • CNA
      • The Straits Times
      • Lianhe Zaobao
संघ के 100 साल: जब हेडगेवार ने दे दिया था सरसंघचालक पद से इस्तीफा, फिर हुआ था ‘भरत मिलाप’!

संघ के 100 साल: जब हेडगेवार ने दे दिया था सरसंघचालक पद से इस्तीफा, फिर हुआ था ‘भरत मिलाप’!

AajTak
Wednesday, October 08, 2025 05:00:37 AM UTC

संघ के सदस्य आज भी आपदा में तो गणवेश पहनकर कार्य करते हुए दिखते हैं लेकिन आंदोलनों में नहीं. इसके पीछे 1930 में हुए आंदोलन की एक कहानी है. इस आंदोलन में शिरकत करने के लिए डॉ हेडगेवार ने सरसंघचालक पद से इस्तीफा दिया था. संघ के 100 साल के 100 कहानियों में इस बार कहानी उस घटना की जब डॉ हेडगेवार को सरसंघचालक पद से इस्तीफा देना पड़ा था.

जिस संगठन को अपने दम पर खड़ा किया हो, तमाम बाधाएं पार कर, गृहस्थ जीवन का त्याग कर जिसे जन-जन तक पहुंचाया हो, लोगों में इतना विश्वास जगाया हो कि वो अपनी संतान तक संगठन को देने को तैयार हुए, उसी संगठन यानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक पद से डॉ केशव बलिराम हेडगेवार ने त्यागपत्र दे दिया था. सवाल है कि आखिर ऐसी नौबत आई क्यों? इस सवाल के जवाब में उन बड़े सवालों के जवाब भी मिल जाते हैं, जो आज भी संघ की ओर उछाले जाते हैं जैसे संघ ने स्वतंत्रता की लड़ाई में क्या किया? संघ ने कांग्रेस या गांधीजी के किसी आंदोलन को समर्थन क्यों नहीं दिया?   डॉ हेडगेवार अनुशीलन समिति के साथ मिलकर पूरी तरह क्रांतिकारी गतिविधियों में उतरने जा रहे थे. लेकिन बाद में अपने आप को उन्होंने सीमित कर लिया. इसके पीछे उनकी सोच थी कि ये लड़ाई जेल या फांसी पर खत्म नहीं होनी चाहिए क्योंकि ये लम्बी लड़ाई है. लड़ाई देश को उसका खोया हुआ वैभव वापस दिलाने की और आजादी उसका पहला पड़ाव है. ऐसे में कांग्रेस में इतना आगे तक बढ़ जाने के बावजूद खिलाफत आंदोलन, मोपला दंगा जैसे मुद्दों पर उनके मतभेद बढ़े तो वो अपना संगठन शुरू करने में जुट गए.   कांग्रेस और संघ में एक बड़ा फर्क था. कांग्रेस को कई बड़े अंग्रेजों ने शुरू करवाया था. दूसरे अधिवेशन में तो डिनर ही गवर्नर जनरल ने दिया था. कई अध्यक्ष ही अंग्रेज रहे थे और सालों तक कांग्रेस साल में एक बार मिलने वाला संगठन ही रहा, यानी 28-30 संगठनों का एक मंच जिसमें पहले दिन से ही दिग्गज नेताओं की फौज थी. जबकि संघ में कई साल बाद तक डॉ हेडगेवार जैसा दूसरा बड़ा नेता नहीं जुड़ा.   जब गांधीजी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन के तहत दांडी मार्च का ऐलान किया तो उनके साथी ही हैरान थे. हैरान डॉ हेडगेवार भी थे लेकिन उनकी वजह दूसरी थी. दरअसल संघ के तमाम स्वयंसेवक अखबारों में आई गांधीजी के आंदोलन की खबरों से बैचेन हो रहे थे. डॉ हेडगेवार ने उन दिनों सभी शाखाओं में एक सर्कुलर भेजा, जिसका सार था कि आंदोलनों में कोई भी स्वयंसेवक वैयक्तिक तौर पर हिस्सा लेने के लिए स्वतंत्र है. संघ का मानना है कि देश में आजादी या सामाजिक लड़ाई के लिए लड़ रहे आंदोलनों को संघ का वैचारिक समर्थन रहेगा. लेकिन संघ किसी आंदोलन में हिस्सा नहीं लेगा. अगर आप आज भी गौर करेंगे तो पाएंगे कि संघ आज भी अपने नाम से किसी आंदोलन में हिस्सा नहीं लेता. हां उसके स्वयंसेवक उन आंदोलनों का हिस्सा हो सकते हैं जैसे राम जन्मभूमि से लेकर अन्ना आंदोलन तक में संघ का समर्थन माना जाता रहा है. ऐसे में उस सर्कुलर में लिखा था कि जो स्वयंसेवक गांधीजी के आंदोलन में हिस्सा लेना चाहे वो सरसंघचालक से अनुमति लेकर जा सकता है.   दिलचस्प बात ये भी है कि गांधीजी ने जब दांडी मार्च का ऐलान किया तब खुद नेहरू पिता-पुत्र इस फैसले से सहमत नहीं थे. राजमोहन गांधी ने अपनी किताब ‘Mohan Das, A True Story of a man, his people and an Empire’ में लिखा है, ‘On 5 March, from the Ashram Prayer Ground, Gandhi made the first public announcement about the choice of salt. His Political colleagues were shocked, Neither Jawahar Lal Nehru nor his father was impressed’. गांधीजी जनता की नब्ज समझते थे, वो जनता को जोड़ना जानते थे, इसलिए शुरूआत में वो जिस किसी कार्यक्रम का भी ऐलान करते थे, सभी को अजीब लगता था कि नमक बनाने से आजादी कैसे मिलेगी. बाद में दांडी मार्च का जो असर देश भर में और देसी विदेशी मीडिया में दिखा तो नेहरू को लगा भी कि वो गलत थे. खुद नेहरू ने अपनी आत्मकथा में लिखा है कि, ‘’I felt a little abashed and ashamed for having questioned the efficacy of this method when it was proposed first by Gandhiji.’’

  इधर डॉ हेडगेवार ने सैकड़ों स्वयंसेवकों को इस आंदोलन में हिस्सा लेने की अनुमति दी. हालांकि उन दिनों ओटीसी शिविर चल रहे थे, सो कइयों को उनके पूरा होने तक रोका गया. एक दिलचस्प सवाल वो जरूर पूछते थे कि “दो साल इस आंदोलन में जेल जाने के लिए तैयार हो, इतना ही समय संघ को दे दो तो वो कितनी तेजी से बढ़ जाएगा, कभी सोचा है?” इधर अप्पा जी जोशी जैसे विदर्भ के इतने बड़े चेहरे ने भी डॉ हेडगेवार से आंदोलन में जाने की अनुमति मांगी तो भी डॉ. हेडगेवार हैरान थे. यूं भी हेडगेवार का लक्ष्य बड़ा था, उन्हें हर समय बस वही दिखाई देता था. उन्हें अप्पाजी के पत्र पर ओटीसी शिविर के बाद बात करने को कहा. अप्पाजी ने ओटीसी के बाद दोबारा पत्र लिखा तो डॉक्टर साहब ने जवाब दिया कि मैं भी आपके साथ इस आंदोलन में भाग लूंगा.  असहमति के बाद नेहरू पिता-पुत्र भी दांडी मार्च के रास्ते में गांधीजी से मिलने आए थे.

लेकिन ड़ॉ हेडगेवार पूरी तरह जेल जाने का मन बना चुके थे. वो इस आंदोलन में रस्मी तौर पर नहीं उतरना चाहते थे. असहयोग आंदोलन में वो पहले भी जेल जा चुके थे. लेकिन 3 महीने बाद दांडी जाकर नमक कानून तोड़ना किसी को जम नहीं रहा था. चर्चा हुईं तो पता चला कि अप्पाजी और उनके दोनों के परिचित और तिलक के अनुयायी माधवराव अणे ने हाल ही में एक जंगल सत्याग्रह का ऐलान किया था.   मध्य प्रांत की सरकार ने 1618 वर्ग मील के जंगल को 1917 में प्रतिबंधित घोषित कर दिया था. ना चारा काटा जा सकता था, ना ही लकड़ी, कई कारोबार, पशुपालन और जंगल पर निर्भर रहने वाले हजारों लोग परेशान हो गए. उसके खिलाफ ये आंदोलन एक तरह से अंग्रेजी सरकार के खिलाफ सविनय अवज्ञा का ही एक रूप था.  गुरुपूर्णिमा के दिन त्यागपत्र और चुने गए नए सरसंघचालक

डॉ हेडगेवार ने ऐलान कर दिया कि वो ‘जंगल सत्याग्रह’ आंदोलन को समर्थन देंगे और उस जंगल में जाकर खुद घास काटेंगे. नागपुर के काम को देखने के लिए उन्होंने बाला साहेब आप्टे और बापूराव भेडी को नियुक्त किया और अपनी गैरमौजूदगी में सरसंघचालक चुने डॉ परांजपे. इस ऐलान के लिए दिन चुना गया 12 जुलाई 1930 का, जिस दिन संघ का गुरु पूर्णिमा उत्सव था. इस मौके पर उन्होंने कहा कि, जैसे ही मैं इस मंच से उतर जाऊंगा, सरसंघचालक नहीं रहूंगा”. डॉ हेडगेवार ने फिर से स्पष्ट किया कि हमारे स्वयंसेवक स्वतंत्रता व सामाजिक मुद्दों पर होने वाले आंदोलनों में हिस्सा लेते रहे हैं और उसी वजह से हम भी गांधीजी के इस आंदोलन में भाग ले रहे हैं.

यहां पढ़ें: RSS के सौ साल से जुड़ी इस विशेष सीरीज की हर कहानी   14 जुलाई को वो कई स्वयंसेवकों और अप्पाजी के साथ वर्धा के लिए रवाना हुए, सैकड़ों स्वयंसेवक छोड़ने गए. तय हुआ कि ड़ॉक्टर हेडगेवार 21 जुलाई को जंगल से जुड़े इस गलत कानून को तोड़ेंगे. जब वो यवतमाल पहुंचे तो तमाम स्वयंसेवक अपने घर तार भेजने लगे कि गणवेश (संघ की यूनीफॉर्म) भिजवा दीजिए. फिर हेडगेवार ने उन्हें रोका और कहा कि इस आंदोलन में संघ भाग नहीं ले रहा है. हम स्वयंसेवक के तौर पर आंदोलन को समर्थन कर रहे हैं, सो गणवेश में नहीं जाएंगे. संघ के स्वयंसेवक आज भी आपदा में तो गणवेश  पहनकर आते हैं, लेकिन आंदोलनों में नहीं.   21 जुलाई 1930 को 10 हजार लोगों की भीड़ मौजूद थी. ये यवतमाल से 10 किमी दूर लोहारा जंगल के एक गांव में जुटे थे. पुलिस ने हेडगेवार और साथियों को चेतावनी दी, लेकिन वो जंगल कटाई में जुटे रहे, भीड़ वंदेमातरम और भारत माता की जय के नारे लगाती रही. आखिर में पुलिस ने जंगल कानून तोड़ने के जुर्म में सभी को गिरफ्तार कर लिया. डॉ हेडगेवार को 9 महीने के सश्रम कारावास और बाकी साथियों को 4 महीने की सजा सुनाई गई.   उनकी गिरफ्तारी के विरोध में भी कई जगह प्रदर्शन हुए, फिर कई अधिकारी और कार्यकर्ता गिरफ्तार हुए और जब तक हेडगेवार बाहर नहीं आ गए, ना जाने कितने संघ स्वयंसेवक जेल पहुंच गए. लेकिन दिलचस्प बात ये है कि सबने गांधीजी के सविनय अवज्ञा आंदोलन से खुद को जोड़ा, पुलिस की फाइलों में संघ का नाम भी नहीं आया. सभी जगह ये सारे आंदोलन, प्रदर्शन कांग्रेस के आंदोलन के तौर पर ही गिने गए. इनमें एक आंदोलन उन दिनों सावरकर की किताबों पर लगाए गए प्रतिबंध के विरोध में भी था.   रिहाई के बाद ऐसे हुआ भरत मिलाप   14 फरवरी 1930 को डॉ हेडगेवार रिहा हुए. अकोला और वर्धा में उनकी शोभायात्राएं निकाली गईं, जिनमें अनेक कांग्रेसी नेता कार्यकर्ता भी शामिल हुए. नरेन्द्र सहगल अपनी किताब ‘डॉक्टर हेडगेवार, संघ और स्वतंत्रता संग्राम’ में 17 फरवरी 1930 को नागपुर में उनके भव्य स्वागत के बारे में लिखते हैं कि, “नागपुर के हाथीखाना मैदान में एक स्वागत सभा हुई, जिसमें डॉ परांजपे ने सरसंघचालक पद की धरोहर वापस डॉक्टर जी को सौंप दी. ये भावुक दृश्य ऐसा था मानो भगवान राम के वनवास के बाद वापस अयोध्या लौटने पर उनके भ्राता भरत ने श्रीराम की धरोहर ‘खड़ाऊं’ को वापस करके अयोध्या के सिंहासन पर उनको विराजमान कर दिया हो”.

पिछली कहानी: वंदेमातरम की धरती पर डॉ हेडगेवार का सीक्रेट कोड नेम था ‘कोकेन’

Read full story on AajTak
Share this story on:-
More Related News
Delhi Weather: दिन सुहावने और रातें ठंडी... दिल्ली में मार्च में नहीं पड़ेगी भीषण गर्मी, जानें आज का मौसम

दिन में हल्की गर्माहट और रात में ठंडक का संतुलन दिल्ली वालों को इन दिनों सुकून दे रहा है. बीच-बीच में होने वाली हल्की बारिश और बादल गर्मी पर ब्रेक लगा रहे हैं. फिलहाल राजधानी में भीषण गर्मी की शुरुआत टलती दिख रही है.

चीन, जापान से लेकर US तक कोहराम... युद्ध से भारतीय निवेशकों के 50 लाख करोड़ रुपये डूबे!

War Impact on Stock Market: जंग की वजह से अमेरिकी शेयर बाजार में 1 ट्रिलियन डॉलर स्वाहा हो गया है. चीन को इससे भी बड़ा नुकसान हुआ है. जबकि भारतीय बाजार में सोमवार को कोहराम मच गया है, निफ्टी गिरकर 22500 अंक तक पहुंच गया.

5 लाख लगाओ, 3 करोड़ पाओ... ऐसे धोखाधड़ी के जाल में फंसे हजारों लोग, IT प्रोफेशनल भी शामिल

हैदराबाद में मल्टी-लेवल मार्केटिंग धोखाधड़ी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है. हैदराबाद पुलिस ने इस मामले में 32 लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें 11 महिलाएं भी शामिल हैं. पुलिस लंबे समय से इस मामले की जांच कर रही है.

आधी रात को जारी हुई बंगाल की पहली सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट, 29 लाख वोटरों पर आया ECI का फैसला

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से जुड़े लंबित मामलों पर कार्रवाई के बाद नई जानकारी सार्वजनिक की गई है. कई प्रविष्टियों पर निर्णय हो चुका है, जबकि शेष मामलों की प्रक्रिया जारी है. तकनीकी समस्याओं की शिकायतें भी सामने आई हैं और चुनाव से पहले प्रशासनिक सतर्कता बढ़ा दी गई है.

मिडिल ईस्ट जंग के बीच जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री से की बातचीत, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक बाजार पर चर्चा

मिडिल ईस्ट में जारी जंग को लेकर कूटनीतिक संपर्क तेज हो गए हैं और कई देश स्थिति पर नजर रखे हुए हैं. सैन्य कार्रवाई टालने की घोषणा और बातचीत को लेकर विरोधाभासी दावों ने अनिश्चितता बढ़ा दी है. ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक बाजारों पर असर को लेकर चिंता गहराती जा रही है.

23 दिनों से युद्ध में कैसे डटा है ईरान? देखें वारदात

जिस अमेरिका और इजरायल ने मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर हमले कर जंग की शुरुआत की थी, उसी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ये ऐलान किया कि अमेरिका अगले 5 दिनों के लिए युद्ध विराम कर रहा है यानी जंग को रोक रहा है. अब सवाल ये है कि जंग के पहले हफ्ते में जब ट्रंप ने ये दावा किया था कि ईरान की ताकत को वो पूरी तरह कुचल चुके हैं तो फिर भी ईरान इस जंग को तीसरे हफ्ते तक कैसे खींच ले गया.

काम पहले मंजूरी बाद में, 342% ज्यादा खर्च... केजरीवाल के 'सरकारी बंगले' पर CAG की रिपोर्ट

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कार्यकाल के दौरान आधिकारिक सीएम आवास के रेनोवेशन को लेकर कैग रिपोर्ट ने कई अनियमितताएं सामने आई हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बंगले के रेनोवेशन पर अनुमानित लागत से 342% अधिक खर्च हुआ.

पेरू बॉर्डर के पास कोलंबिया का मिलिट्री प्लेन क्रैश, 110 सैनिक थे सवार

कोलंबिया का एक सैन्य विमान हादसे का शिकार हो गया है. जानकारी के अनुसार विमान में 110 सैनिक सवार थे.

ईरान युद्ध पर ट्रंप का सीजफायर वाला संकेत, देखें दस्तक

आज ईरान-अमेरिका युद्ध का 24 वां दिन है. आज युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा बयान आया. ट्रंप ने ऐलान किया है कि अगले पांच दिनों तक ईरान के पावर और इनर्जी के ठिकानों पर हमले नहीं होंगे. ईरान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान को युद्ध की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है. हालांकि ईरान की तरफ से अमेरिकी के साथ किसी तरह की बातचीत का खंडन किया गया है, ईरान का यही दावा है कि उनकी धमकी के डर से अमेरिकी राष्ट्रपति झुक गए. अब सवाल यही है क्या ट्रंप के सीजफायर से युद्ध रुक जाएगा.

पंचर की दुकान खोली, फिर पाकिस्तान के लिए जासूसी, 1 फोटो भेजने के मिलते थे 6 हजार

गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले गिरोह के सदस्य नौशाद अली उर्फ लालू को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है. वह पेट्रोल पंप पर पंचर की दुकान की आड़ में काम कर रहा था. गिरोह के सरगना सुहेल समेत 22 आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके हैं. यह गैंग रेलवे स्टेशनों और सुरक्षा ठिकानों की तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान भेजता था, जिसके बदले 4-6 हजार रुपये मिलते थे. दिल्ली-हरियाणा में लगाए कैमरों की लाइव स्ट्रीमिंग भी पाकिस्तान तक पहुंच रही थी. पुलिस जांच जारी है.

गुजरात: महिला के 3 हजार प्राइवेट वीडियो बनाए, एकतरफा प्यार में डॉक्टर गिरफ्तार

राजकोट में एक डॉक्टर के क्लिनिक में स्पाई कैमरा लगाकर निजी वीडियो रिकॉर्ड कर 25 लाख रुपये की उगाही के मामले में पुलिस ने डॉ. कमल नांढा को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि उसने 3000 से ज्यादा वीडियो बनाकर स्थानीय पत्रकारों के जरिए ब्लैकमेल किया. राजकोट साइबर क्राइम पुलिस ने 12 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जबकि 11 आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है.

36 घंटे में अपने ही अल्टीमेटम से क्यों पलटे डोनाल्ड ट्रंप? देखें खबरदार

महायुद्ध के 24 दिन हो चुके हैं. खबरदार की शुरुआत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ताजा यूटर्न से. डोनाल्ड ट्रंप ने आज शाम ऐलान किया कि ईरान के पावर प्लांट्स और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले हमलों को उन्होंने फिलहाल टाल दिया है. ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों से चली बातचीत के बाद ये फैसला लिया गया है.

Exclusive: उत्तर बंगाल का किला कैसे फतह करेगी BJP, चुनाव में नई 'रणनीति' तैयार

Bengal Assembly Elections: चुनावी सरगर्मी के बीच उत्तर बंगाल एक बार फिर राजनीतिक रणभूमि बनता दिख रहा है. भारतीय जनता पार्टी ने इस क्षेत्र में जीत के लिए जोर-शोर से लगी हुई है. इसके लिए केंद्रीय नेतृत्व के साथ प्रदेश के कई बड़े नेता ठोस रणनीति बनाकर काम कर रहे हैं.

ईरान-अमेरिका की होगी डील या ट्रंप दे रहे है धोखा? देखें 9 बज गए

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि ईरान से जंग को लेकर अमेरिका की बेहद मजबूत बातचीत हुई और लगभग सभी बिंदुओं पर सहमति बन गई है. ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर हमले को 5 दिन के लिए टाल दिया है. लेकिन ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत को नकार दिया है.

'वो गोली बरसाता रहा, मैं बचाने के लिए सामने खड़ी रही...' यूपी कॉलेज में मर्डर की चश्मदीद लड़की ने सुनाई दहशत भरे पल की कहानी

'सब देखते रहे, वो गोली चलाता रहा…' वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज हत्याकांड की चश्मदीद छात्रा शिवांगी सिंह का बयान सामने आया है. उसने बताया कि बीएससी छात्र सूर्य प्रताप सिंह को बचाने की कोशिश हुई, लेकिन हमलावर दोबारा लौटकर गोली मार गया. घटना के बाद कॉलेज सुरक्षा, प्रशासन की भूमिका और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जिससे छात्रों में डर और आक्रोश का माहौल है.

चौपट फसल, ट्रैक्टर की EMI और 25 लाख का कर्ज...रुला देगी हाथ पकड़कर ट्रेन के आगे कूदे दोनों भाइयों की कहानी

फरीदकोट में कर्ज के बोझ से टूटे दो सगे भाइयों ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी. दोनों खेती कर परिवार चला रहे थे, लेकिन लाखों के कर्ज और खराब फसल ने उन्हें हताश कर दिया. घटना के बाद गांव में मातम पसरा है, जबकि परिवार के लिए आर्थिक मदद की मांग उठ रही है.

दिल्ली में 18 वर्षीय युवक की चाकू घोंपकर हत्या, आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

दिल्ली के भजनपुरा इलाके में एक 18 वर्षीय युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई. यह घटना कृष्णा मंदिर के पास हुई. पुलिस ने बताया कि जब तक पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, तब तक घायल को उसके परिवार वाले जग प्रवेश चंद्र (JPC) अस्पताल ले जा चुके थे.

अब E30 पेट्रोल की तैयारी! AIDA ने सरकार से की एथेनॉल ब्लेंडिंग बढाने की मांग

E30 Petrol: ऑल इंडिया डिस्टिलर्स एसोसिएशन (AIDA) ने सरकार ने पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग 20% से बढ़ाकर 30% तक करने की मांग की है. इसके अलावा डीजल में भी एथेनॉल ब्लेंडिंग की संभावनाओं को तलाशने की बात कही जा रही है. सरकार पहले की कह चुकी है कि, एथेनॉल ब्लेंडिंग के चलते भारत ने करोड़ो बैरल कम तेल आयात किया है.

Aaj Ki Taza Khabar: पढ़ें 24 मार्च 2026 की सुबह की टॉप खबरें और अन्य समाचार

मंगलवार को शेयर बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी ग्रीन जोन में खुले. वहीं, वेस्ट एशिया के हालात को लेकर विदेश मंत्री जयशंकर ने मार्को रुबियो से फोन पर चर्चा की.

शंकराचार्य ने बनाई 'चतुरंगिणी सेना', रोको-टोको और ठोको का दिया नारा; फरसा लेकर तैनात रहेंगे सदस्य

वाराणसी में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने चतुरंगिणी सेना सभा का गठन कर 27 सदस्यों की टीम बनाई और ‘रोको, टोको, ठोको’ का नारा दिया. माघ मेले की घटना के बाद शुरू हुई पहल में 10 महीने में भर्ती व प्रशिक्षण का खाका तैयार होगा. उन्होंने बताया कि संगठन का उद्देश्य सनातन प्रतीकों की रक्षा और समाज में सुरक्षा का भाव मजबूत करना है.

दिल्ली: बुजुर्ग से 22 लाख की ठगी करने वाले 11 ठग गिरफ्तार, कंबोडिया से जुड़े हैं तार

दिल्ली पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले एक गैंग का पर्दाफाश किया है और 11 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है. ठगों के तार कंबोडिया से जुड़े हुए हैं. ठगों ने सोशल मीडिया पर एक लुभावना विज्ञापन दिखाकर बुजुर्ग को ठगी का शिकार बनाया था.

ईरान पर टला US का हमला, कच्चे तेल के गिरे दाम, देखें नॉनस्टॉप100

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि अमेरिका ने ईरान के पावर प्लांट पर हमले को 5 दिन तक टाल दिया है. इसके साथ ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत पर के नतीजे पर आगे का फैसला होगा. वहीं ट्रंप के इस ऐलान के बाद दुनिया के बाजारों में जबरदस्त उछाल आया है और कच्चे तेल की कीमतों में 11% की गिरावट आई है.

अमेरिका की ईरान से बातचीत वाले ट्रंप के दावे में कितना दम है? देखें बुलेटिन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान जंग को लेकर बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ अमेरिका की बेहद मजबूत बातचीत हुई और लगभग सभी बिंदुओं पर सहमति बन गई है. ट्रंप ने बताया कि विटकॉफ और कुशनर की बातचीत हो रही है और ऐसे ही बात चलती रहीं तो युद्ध जल्द ही खत्म हो जाएगा.

ट्रंप का ऐलान- 5 दिन No Attack, फिर भी हमलों से दहला ईरान, शेयर बाजार में क्या होने वाला है?

Donald Trump ने ईरान की एनर्जी साइट्स पर 5 दिन अटैक न करने का ऐलान किया है, लेकिन इसके बावजूद ईरानी गैस ग्रिड और पावर स्टेशन पर जोरदार हमलों की खबर है. इससे अचानक रॉकेट बना गिफ्ट निफ्टी करीब 350 अंक फिसलकर कारोबार कर रहा है.

लॉटरी से तय होंगी सीटें! महिला आरक्षण लागू करने के लिए सरकार का नया फॉर्मूला

केंद्र सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने के लिए नई जनगणना और परिसीमन की शर्त हटाने पर विचार कर रही है. इसके तहत महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी. विपक्षी दलों के साथ बातचीत जारी है और संशोधन विधेयक संसद में जल्द पेश किया जाएगा.

© 2008 - 2026 Webjosh  |  News Archive  |  Privacy Policy  |  Contact Us