
शीना बोरा मर्डर केस: इंद्राणी मुखर्जी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने CBI को भेजा नोटिस, विदेश यात्रा से जुड़ा है मामला
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अधिवक्ता सना रईस खान के माध्यम से दायर की गई अपनी याचिका में इंद्राणी मुखर्जी ने कहा कि वह ब्रिटिश नागरिक हैं और उन्होंने स्पेन और अपने देश में आवश्यक परिवर्तन और संशोधन करने तथा लंबित कार्यों को निपटाने के लिए अनुमति मांगी है, जो उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति के बिना नहीं किए जा सकते हैं.
Sheena Bora Murder Case: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को शीना बोरा मर्डर केस की आरोपी इंद्राणी मुखर्जी की याचिका पर सीबीआई से जवाब मांगा है. इंद्राणी मुखर्जी ने बॉम्बे हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें विदेश यात्रा करने से मना किया गया है, क्योंकि उन पर अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या का आरोप है.
यात्रा प्रतिबंध का मामला सुप्रीम कोर्ट के सामने तब आया, जब 19 जुलाई को एक विशेष अदालत ने मुखर्जी की अगले तीन महीनों में 10 दिनों के लिए स्पेन और यूनाइटेड किंगडम जाने की याचिका को मंजूरी दे दी. सीबीआई ने विशेष अदालत द्वारा पारित आदेश को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. जिस पर हाई कोर्ट ने 27 सितंबर को विशेष अदालत के आदेश को रद्द कर दिया था.
इंद्राणी मुखर्जी ने हाई कोर्ट के इस आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया. जस्टिस एम एम सुंदरेश और अरविंद कुमार की पीठ ने एजेंसी को नोटिस जारी किया और हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ मुखर्जी द्वारा दायर अपील पर जवाब मांगा.
अधिवक्ता सना रईस खान के माध्यम से दायर की गई अपनी याचिका में इंद्राणी मुखर्जी ने कहा कि वह ब्रिटिश नागरिक हैं और उन्होंने स्पेन और अपने देश में आवश्यक परिवर्तन और संशोधन करने तथा लंबित कार्यों को निपटाने के लिए अनुमति मांगी है, जो उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति के बिना नहीं किए जा सकते हैं.
पीटीआई के मुताबिक, इंद्राणी मुखर्जी ने अदालत में तर्क दिया कि स्पेन में सभी प्रासंगिक कार्यों और प्रशासन के लिए डिजिटल प्रमाणपत्र का सक्रिय होना अनिवार्य है और उनकी शारीरिक उपस्थिति अनिवार्य है.
अपने फैसले में, उच्च न्यायालय ने कहा कि इंद्राणी मुखर्जी इस आधार पर विदेश यात्रा करना चाहती थीं कि वह एक ब्रिटिश नागरिक हैं और उन्हें स्पेन और यूके में अपने बैंक खाते से संबंधित दस्तावेजों को निष्पादित करना और अन्य कार्य करना आवश्यक है.

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