
'शिवराज भाजपा, महाराज भाजपा और नाराज भाजपा', नरेंद्र सिंह तोमर को मिला दिग्विजय सिंह का साथ
AajTak
केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह के पुत्र रामू तोमर के वीडियो वायरल होने से एक तरफ चुनाव से पहले मध्य प्रदेश की सियासत गर्मा गई है. तो वहीं इस विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का साथ मिल गया है.
मध्यप्रदेश में चुनावी घमासान के बीच वायरल हो रहे वीडियो ने बीजेपी नेता नरेंद्र सिंह तोमर की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. नरेंद्र सिंह के पुत्र रामू तोमर के वीडियो से हड़कंप मच गया है. पहले 100 करोड़ और फिर 500 करोड़ रुपये के लेनदेन से जुड़े वीडियो ने दिमनी विधानसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी नरेंद्र सिंह तोमर को परेशानी में डाल दिया है.
हालांकि, वीडियो लीक होने के बाद अलग-थलग पड़े नरेंद्र सिंह तोमर को कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह का साथ मिला है. दिग्विजय ने नरेंद्र सिंह तोमर का बचाव करते हुए वीडियो पर सवाल खड़े किए हैं. दिग्विजय सिंह ने सवाल खड़े करते हुए कहा है कि वीडियो वायरल करने के पीछे कौन सी राजनैतिक शक्तियां हैं, इस बात का खुलासा होना चाहिए.
बीजेपी में बढ़ गई है गुटबाजी: दिग्विजय
दिग्विजय सिंह ने बयान देते हुए कहा है कि बीजेपी का ही अंदरूनी विपक्ष वीडियो वायरल करा रहा है. क्योंकि भाजपा में गुटबाजी बढ़ गई है. शिवराज भाजपा, महाराज भाजपा, नाराज भाजपा आपस में लड़ रही हैं. दिग्विजय सिंह ने कहा है कि यदि डबल इंजन की सरकार होती तो आपसी खींचतान नहीं चल रही होती. अगर एक दिशा में डबल इंजन होते तो प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को अलग-अलग स्थान पर प्रचार के लिए नहीं जाना पड़ता. ऐसा लग रहा है, जैसे मध्यप्रदेश में मोदी मुख्यमंत्री का चुनाव लड़ रहे हैं.
'एक दूसरे की टांग खींच रहीं तीनों BJP'
उन्होंने आगे कहा है कि मोदी शाह को बीजेपी नेताओं पर अविश्वास है. तीनों भाजपा एक दूसरे की टांग खींच रही हैं. मोदी ने सभी को अलग कर दिया और खुद प्रचार कर रहे हैं. अब तो मोदी शाह भाजपा, गडकरी भाजपा, संघ भाजपा भी अलग तैयार हो गई है. इसके अलावा दिग्विजय ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा है कि हजारों शिकायतें की गईं, लेकिन चुनाव आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.

नोएडा के सेक्टर 150 में इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के बाद योगी सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है. हादसे के जिम्मेदार बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों पर भी गाज गिरी है. प्रशासन ने अब भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम शुरू कर दिए हैं.

महाराष्ट्र के ठाणे में तीन नाबालिग लड़कियों के लापता होने से सनसनी फैल गई. कल्याण के बारावे गांव से दो सगी बहनें और उनकी 13 साल की भांजी घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटीं. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. एक अहम सूचना के आधार पर पुलिस टीम को लखनऊ भेजा गया है, जहां लड़कियों की तलाश की जा रही है.

छत्तीसगढ़ के रायपुर में मिड-डे मील योजना से जुड़े हजारों रसोइया और सहायिकाएं अपनी मांगों को लेकर तूता मैदान में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं. रसोइया संघ के अध्यक्ष के अनुसार, उन्हें मात्र 66 रुपये प्रतिदिन मानदेय मिलता है, जो उनके परिवार का खर्च चलाने के लिए अपर्याप्त है. ठंड के बावजूद वे 22 दिनों से धरना दे रहे हैं पर शासन के कोई प्रतिनिधि उनसे अब तक नहीं मिले हैं.

आठवीं शताब्दी में आदि शंकराचार्य ने चार शंकराचार्य पीठों की स्थापना की. उद्देश्य था हिंदू धर्म और दर्शन को बचाना और आगे बढ़ाना. ऐसा हुआ भी. लेकिन पिछली एक सदी में कई और शंकराचार्य पीठ गढ़ ली गईं. इन पर बैठने वालों में कलह आम हुई. चुनावी लाभ, उत्तराधिकार का झगड़ा, राजनीतिक हस्तक्षेप, और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं ने इस पद को धार्मिक से ज्यादा राजनीतिक बना दिया है.





