
शिमला से दबोचे गए तीनों आरोपी दिल्ली पहुंचे… यूथ कांग्रेस की जंतर-मंतर प्रोटेस्ट मांग पर पुलिस की सख्त ‘ना’
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दिल्ली में AI समिट के दौरान शर्टलेस प्रदर्शन के मामले में हिमाचल प्रदेश के एक रिजॉर्ट से सौरभ, सिद्धार्थ और मुख्य आरोपी अरबाज अहमद को गिरफ्तार कर दिल्ली लाया गया है. यूथ कांग्रेस द्वारा जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली. अरबाज उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले से हैं, 2022 से राजनीतिक सक्रियता में हैं और उनके पिता फिरोज अहमद कांग्रेस नेता हैं.
दिल्ली में आयोजित AI समिट के दौरान हुए शर्टलेस प्रदर्शन मामले में हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित एक रिजॉर्ट से तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद दिल्ली लाया गया है. गिरफ्तार आरोपियों के नाम सौरभ, सिद्धार्थ और अरबाज हैं. क्राइम ब्रांच की एक टीम तीनों आरोपियों को लेकर दिल्ली क्राइम ब्रांच कार्यालय पहुंची. वहीं, दूसरी ओर यूथ कांग्रेस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के लिए अनुमति मांगी थी, जिसे स्वीकार नहीं किया गया.
अरबाज अहमद नाम का शख्स यूपी के सुल्तानपुर का रहने वाला है. अरबाज अहमद मूल रूप से जनपद के चांदा थाना क्षेत्र के इंदौली गांव का निवासी है. वह सुल्तानपुर शहर के कोतवाली नगर थाना क्षेत्र के घरहां इलाके में किराए के मकान में परिवार के साथ रहता था. साल 2022 से वह राजनीति में अधिक सक्रिय है. अरबाज अहमद के पिता फिरोज अहमद वर्तमान में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सदस्य हैं.
फिरोज अहमद पुराने कांग्रेसी नेता हैं. उन्होंने 188 सुल्तानपुर शहर विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ा था. इस चुनाव में वह चौथे नंबर पर रहे थे. अरबाज अहमद को दिसंबर 2025 में उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस, मध्य जोन का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया था. वर्तमान में अरबाज जनपद के एक निजी शिक्षण संस्थान से एलएलबी की पढ़ाई कर रहा है. इससे पहले वह यूथ कांग्रेस में सुल्तानपुर का जिला महासचिव भी रह चुका है.
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साल 2022 में पिता फिरोज अहमद द्वारा विधानसभा चुनाव लड़ने के दौरान से ही अरबाज कांग्रेस की सक्रिय राजनीति में जुड़ गया था. इसी क्रम में बीते 20 फरवरी को दिल्ली में AI समिट के दौरान हुए शॉर्ट लेस प्रदर्शन में भी वह शामिल था. बीते 22 फरवरी की शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात करीब 2 बजे सुल्तानपुर की कोतवाली पुलिस अरबाज के पिता फिरोज अहमद को शहर स्थित किराए के मकान से अभिरक्षा में लेकर शाहगंज पुलिस चौकी पहुंची थी और उनसे अरबाज के बारे में पूछताछ की थी.
फिरोज अहमद को पुलिस द्वारा ले जाने की जानकारी स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हुई तो वे भी शाहगंज पुलिस चौकी पहुंच गए थे. काफी प्रयासों के बाद लगभग साढ़े 7 घंटे बाद रविवार सुबह करीब साढ़े 9 बजे कोतवाली पुलिस ने फिरोज अहमद को छोड़ दिया था. इसके लगभग दो घंटे बाद दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम सुल्तानपुर पहुंची और फिर अरबाज के पिता फिरोज अहमद से अरबाज के संबंध में पूछताछ की थी.

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