
शशि थरूर ने सीजफायर पर BJP सरकार का सपोर्ट कर कांग्रेस को ही कठघरे में खड़ा कर दिया?
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शशि थरूर कांग्रेस के सांसद होकर भी मुश्किलें राहुल गांधी की ही बढ़ा रहे हैं. पहलगाम हमले से लेकर ऑपरेशन सिंदूर और फिर सीजफायर तक शशि थरूर के बयान से फजीहत तो कांग्रेस की ही हो रही है.
शशि थरूर कांग्रेस को पहले जोर के झटके धीरे से देते थे, अब ये काम वो जोर जोर से करने लगे हैं. जो बातें राहुल गांधी बीजेपी नेताओं के मुंह से भी नहीं सुनना पसंद करते होंगे, शशि थरूर लगातार सुनाते जा रहे हैं.
भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर की घोषणा होते ही देश की आबादी का एक बड़ा तबका बीजेपी की केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति नाराजगी प्रकट करने लगा था, तभी कांग्रेस की तरफ से 1971 की जंग और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को आयरन लेडी के रूप में सोशल मीडिया पर पेश किया जाने लगा.
तभी कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने 1971 और 2025 की परिस्थितियों में फर्क समझाने लगे, कांग्रेस की खूब फजीहत करा दी.
और, जब राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे सीजफायर के बाद प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर संसद के दोनो सदनों का विशेष सत्र बुलाये जाने की मांग कर रहे हैं, शशि थरूर सीजफायर का महत्व और जरूरत समझाने लगे हैं.
अब तो लगता है कांग्रेस नेता उदित शशि थरूर के बारे में बहुत गलत भी नहीं बोल रहे थे. पहलगाम हमले में खुफिया चूक पर उनके बयान को लेकर हाल ही में उदित राज ने शशि थरूर से पूछ लिया था, वो बीजेपी के प्रवक्ता हैं क्या?
सीजफायर में अमेरिकी दखल हुई है क्या?

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