
शराब घोटाला: सिसोदिया की गिरफ्तारी, लेकिन इन पांच आरोपियों को मिल गई जमानत
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दिल्ली आबकारी नीति घोटाले में आरोपी कुलदीप सिंह, नरेंद्र सिंह, अरुण रामचंद्रन पिल्लई, मूथा गौतम और समीर महेंद्रु को विशेष अदालत से जमानत मिली है. राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने एक लाख रुपए के बेल बॉन्ड पर पांचों को ज़मानत पर रिहा करने का हुक्म दिया है.
दिल्ली शराब घोटाले मामले में आप नेता मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी के बाद से विवाद बढ़ता जा रहा है. इस एक मामले की वजह से आम आदमी पार्टी और बीजेपी आमने-सामने आ गई है और लगातार आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. अब मनीष सिसोदिया को तो कोर्ट से भी झटका लगा है, लेकिन इसी केस के पांच अन्य आरोपियों को कोर्ट ने जमानत दे दी है.
किन लोगों को मिली जमानत?
दिल्ली आबकारी नीति घोटाले में आरोपी कुलदीप सिंह, नरेंद्र सिंह, अरुण रामचंद्रन पिल्लई, मूथा गौतम और समीर महेंद्रु को विशेष अदालत से जमानत मिली है. राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने एक लाख रुपए के बेल बॉन्ड पर पांचों को ज़मानत पर रिहा करने का हुक्म दिया है. कोर्ट ने कहा कि सभी आरोपी इस मामले के ट्रायल में अनिवार्य रूप से शामिल होंगे. सभी आरोपी बिना कोर्ट की इजाज़त के देश से बाहर नहीं जाएंगे. आरोपी प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से गवाहों और सबूतों से छेड़छाड़ की कोशिश नहीं करेंगे.
आदेश में विशेष कोर्ट ने कहा कि आरोपी गवाहों को भी किसी भी तरीके से दबाव या प्रभाव के जरिए प्रभावित करने या धमकाने की कोशिश नहीं करेंगे. इस बात पर भी जोर दिया गया है कि आरोपियों को मामले की लंबित जांच में सहयोग करना होगा. जारी आदेश में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि सभी आरोपी जमानत अवधि के दौरान किसी भी आपराधिक कृत्य में शामिल नहीं होंगे. अगर किसी भी नियम को तोड़ा जाएगा तो जमानत को तुरंत रद्द कर दिया जाएगा.
सिसोदिया ने इस्तीफे पर क्या बोला?
वैसे मंगलवार का दिन दिल्ली की सियासत में बड़ा भूचाल लाने वाला रहा. मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और सीएम अरविंद केजरीवाल ने इसे स्वीकार भी किया. इस्तीफा देने के बाद मनीष सिसोदिया की एक चिट्ठी भी सामने आई. उस चिट्ठी में सिसोदिया ने लिखा कि दिल्ली के लोग अच्छी तरह जानते हैं कि पिछले 8 साल तक दिल्ली सरकार के मंत्री के रूप में मैंने पूरी ईमानदारी से काम किया. मेरे स्वर्गीय पिता ने मुझे अपना काम हमेशा ईमानदारी और निष्ठा के साथ पूरा करने की शिक्षा दी थी. दुनिया की कोई ताकत न मुझसे बेईमानी करा सकती है और न ही काम के प्रति मेरी निष्ठा कम कर सकती है. मैं खुद भी चाहकर यह काम नहीं कर सकता हूं. यह बहुत दुखद है कि 8 साल तक लगातार ईमानदारी और सत्य निष्ठा से काम करने के बाद बावजूद मेरे ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जा रहे हैं लेकिन ये सारे आरोप झूठ हैं.

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