
'शरत रेड्डी ने 55 करोड़ के चुनावी बॉन्ड बीजेपी को दिए, फिर...', कोर्ट में CM केजरीवाल ने सेल्फ डिफेंस में रखे ये तर्क
AajTak
कोर्ट ने केजरीवाल की पांच दिनों की ईडी रिमांड मंजूर कर दी. ईडी ने सात दिनों की रिमांड की मांग की थी. सुनवाई के दौरान केजरीवाल ने अदालत में अपनी बातें रखीं और ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाए. कोर्ट में अरविंद केजरीवाल ने खुद भी अपनी दलीलें रखीं. उन्होंने मामले में आरोपी शरत रेड्डी की कंपनी द्वारा इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए बीजेपी की फंडिंग का मामला भी उठाया.
दिल्ली के शराब नीति घोटाला मामले में सीएम अरिवंद केजरीवाल की राउज एवेन्यू कोर्ट में गुरुवार को पेशी हुई. आज उनकी रिमांड खत्म हो गई थी. दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने केजरीवाल की पांच दिनों की ईडी रिमांड मंजूर कर दी. ईडी ने सात दिनों की रिमांड की मांग की थी. सुनवाई के दौरान केजरीवाल ने अदालत में अपनी बातें रखीं और ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाए. कोर्ट में अरविंद केजरीवाल ने खुद भी अपनी दलीलें रखीं. उन्होंने मामले में आरोपी शरत रेड्डी की कंपनी द्वारा इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए बीजेपी की फंडिंग का मामला भी उठाया.
दरअसल, चुनाव आयोग द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हाल ही में जो इलेक्टोरल बॉन्ड की जानकारी सार्वजनिक की गई है, उसके मुताबिक बीजेपी को दिल्ली शराब नीति मामले में आरोपी शरत चंद रेड्डी की कंपनी अरबिंदो फार्मा ने 52 करोड़ रुपये का चंदा दिया है. रेड्डी को नवंबर 2022 में शराब नीति मामले में गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद वह पिछले साल सरकारी गवाह बन गए थे. इसी मामले को भी केजरीवाल ने कोर्ट में हाईलाइट किया है.
केजरीवाल ने कोर्ट में सवाल पूछे कि किस आधार पर मुझे गिरफ्तार किया गया है.? मेरी गिरफ्तारी का आधार क्या है? क्या एक शख्स का बयान मुख्यमंत्री को गिरफ्तार करने के लिए काफी है? केजरीवाल ने कहा कि मैं जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हूं, लेकिन ईडी के हिसाब से नहीं. केजरीवाल के वकील ने कहा कि आरोपी को चुप रहने का अधिकार है. अगर वो किसी सवाल का जवाब नहीं देना चाहता तो खामोश रह सकता है.
जानें, केजरीवाल ने कोर्ट में क्या दलीलें दीं-
केजरीवाल ने कहा कि हम ईडी अधिकारियों को धन्यवाद देना चाहते हैं जो सहयोग कर रहे हैं. यह मामला ढाई साल से चल रहा है. केजरीवाल ने कहा कि वह कुछ कहना चाहते हैं. इस पर कोर्ट ने उन्हें बोलने की इजाजत दे दी. इसके बाद केजरीवाल ने कहा कि मैं आपको बताना चाहूंगा कि मेरा नाम क्यों आया. मुझे न तो गिरफ्तार किया गया और न ही किसी अदालत में मुकदमा चलाया गया. 31000 पेज दाखिल किए गए हैं. उन्होंने आगे कहा-
1. मेरा नाम चार जगहों पर आया. आरोप ये है कि सी अरविंद (सिसोदिया के पूर्व सेक्रेट्री) ने मेरे घर पर सिसोदिया को दस्तावेज दिए. मेरे घर सैकड़ों लोग आते हैं. आप मुझे इस आरोप में गिरफ्तार कर सकते हैं. कोर्ट ने कहा कि इसे लिखित में दें.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.








