
विपक्षी गठबंधन के साथ रहेगा AIUDF, अजमल-नीतीश की हुई मुलाकात
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असम की क्षेत्रीय पार्टी AIUDF के एक डेलीगेशन ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार से मुलाकात की है. पार्टी महासचिव ने बताया कि 2024 के चुनावों में बीजेपी को हराने के लिए AIUDF विपक्ष के साथ रहेगा.
ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) चीफ मौलाना बदरुद्दीन अजमल के नेतृत्व में पार्टी के एक डेलीगेशन ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की. AIUDF महासचिव अमीनुल इस्लाम ने रविवार को गुवाहाटी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नीतीश से मुलाकात की पुष्टि की.
AIUDF महासचिव ने कहा, "बिहार के मुख्यमंत्री ने हमें आमंत्रित किया, इसलिए हमारी पार्टी का चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलने पटना गया. इस दौरान हमने बीजेपी को सत्ता में आने से रोकने के बारे में बातचीत की. इसके लिए क्षेत्रीय और समान विचारधारा वाले धर्मनिरपेक्ष दलों को साथ लिया जाए. हमने पटना में आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी से भी मुलाकात की. इस्लाम ने कहा कि हमारा मुख्य एजेंडा भाजपा को सत्ता से हटाना है और हम विपक्ष के एक-एक उम्मीदवार को भाजपा के उम्मीदवार के खिलाफ खड़ा करेंगे."
इस दौरान उन्होंने कहा कि हम नहीं जानते कि असम कांग्रेस ने हमसे गठबंधन क्यों तोड़ा. उन्होंने आरोप लगाया है कि हमने असम में राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग की. अब कांग्रेस छोटे और नवगठित राजनीतिक दलों के साथ गठबंधन कर रही है, ऐसे दल जिन्होंने कभी कोई चुनाव नहीं जीता.
AIUDF चीफ ने शुक्रवार को प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए पटना में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने के लिए असम की राजनीति के भविष्य के अलावा कई अन्य राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की. AIUDF के प्रतिनिधिमंडल में मौलाना बदरुद्दीन अजमल, मनकाचर विधायक अमीनुल इस्लाम, सोनाई विधायक करीम उद्दीन बरभुइया और धुबरी विधायक नजरुल हक शामिल थे.
पार्टी नेता ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच करीब 90 मिनट तक चर्चा हुई. बैठक के बाद मौलाना अजमल ने बिहार के सीएम नीतीश को 2024 चुनाव में बीजेपी के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने के लिए धन्यवाद दिया. अजमल और नीतीश की मीटिंग के बाद अब यह लगभग तय हो गया है कि एआईयूडीएफ 2023 के लोकसभा चुनावों में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले भाजपा विरोधी महागठबंधन का हिस्सा होगा.
इसके बाद AIUDF प्रमुख ने शनिवार को मुंबई में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार से भी मुलाकात की ताकि भाजपा विरोधी ताकत बनाने की रणनीति बनाई जा सके.

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