
विदेशी वैक्सीन को लोकल ट्रायल में छूट, मॉडर्ना-फाइजर के भारत आने का रास्ता आसान
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भारत सरकार के इस कदम से मॉडर्ना और फाइजर जैसी विदेशी वैक्सीन के भारत आने का रास्ता साफ हो गया है. फाइजर वैक्सीन के जुलाई तक भारत आने की उम्मीद जताई जा रही है.
कोरोना वायरस की दूसरी लहर कोहराम मचा रही है. नए केस की तादाद थोड़ी नियंत्रित होती दिख रही है लेकिन मौतों का आंकड़ा अब भी करीब चार हजार के आसपास बना हुआ है. ब्लैक फंगस ने भी मुसीबतें बढ़ा दी हैं. ऐसे में वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ाने की मांग भी जोर पकड़ रही थी. इस बीच अब सरकार ने वैक्सीनेशन की गति बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला किया है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक सरकार ने अब कोरोना वैक्सीन के लोकल ट्रायल की अनिवार्यता हटा दी है. सरकार ने नियमों में जरूरी बदलाव करने का ऐलान किया है जिससे कोरोना वैक्सीन के भारत में इस्तेमाल के लिए लोकल ट्रायल जरूरी था. भारत सरकार के इस कदम से मॉडर्ना और फाइजर जैसी विदेशी वैक्सीन के भारत आने का रास्ता साफ हो गया है. फाइजर वैक्सीन के जुलाई तक भारत आने की उम्मीद जताई जा रही है.
कोर्ट ने पारदर्शी और जवाबदेह प्रणाली बनाने पर जोर दिया ताकि बिना नसबंदी वाले कुत्तों की रिपोर्टिंग हो सके. 28 जनवरी को सरकारों की ओर से सॉलिसिटर जनरल अपनी दलीलें प्रस्तुत करेंगे. कोर्ट ने एनिमल राइट्स एक्टिविस्ट के पॉडकास्ट पर नाराजगी जताई और मामले की गंभीरता को रेखांकित किया. ये सुनवाई आवारा कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

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