
वारदात: दुनिया में तीसरे विश्व युद्ध का खतरा! कौन जीतेगा वर्चस्व की लड़ाई?
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दो महाशक्तियां आमने-सामने हैं. दुनिया पर तीसरे विश्वयुद्ध का खतरा है. वर्चस्व की इस जंग में अमेरिका दबाव में है. अमेरिका बड़ी कशमकश में है, वो रूस से लड़ेगा तो चीन मज़बूत हो जाएगा, चीन से लड़ेगा तो रूस मज़बूत हो जाएगा. एक ही वक्त में दोनों से लड़ने की अमेरिका की मौजूदा वक्त में फिलहाल हैसियत नहीं है तो क्या रुसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के सामने झुक जाएगा अमेरिका, या चीन को दबाने के लिए अमेरिका को रूस के साथ समझौता करना पड़ेगा. यूं भी देखें तो हथियारों के लिहाज़ से रूस से लड़ पाने की हैसियत यूक्रेन के पास नहीं है. बिना अमेरिका या नॉटो सेना के ये नामुमकिन है, लेकिन अमेरिका अपने अलग ही गुणा-भाग में लगा हुआ है. देखें वारदात.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











