
कौन हैं कार्लो एक्यूटिस, जिन्हें मिल रहा पहले मिलेनियल संत का दर्जा, ईसाई धर्म में आम लोगों को कैसे मिलती है संत की उपाधि?
AajTak
इतालवी मूल के कार्लो एक्यूटिस को मौत के बाद संत का दर्जा मिलने जा रहा है. वे पहले मिलेनियल हैं, जिन्हें ये उपाधि मिलेगी. पोप फ्रांसिस ने माना कि कार्लो ने ऐसे काम किए, जिन्हें चमत्कार की श्रेणी में रखा जा सकता है. ईसाई धर्म में सेंट की उपाधि चमत्कार साबित होने पर ही मिलती है.
लंदन में जन्म इतालवी मूल के टीनएजर को मौत के बाद संत की उपाधि मिलने जा रही है. कार्लो एक्यूटिस की 15 साल की उम्र में कैंसर से मौत हो चुकी. वेबसाइट डिजाइनर रह चुके कार्लो की सिफारिश सेंट-मेकिंग डिपार्टमेंट ने की थी, जिसके बाद वे पहले ऐसे मिलेनियल बनने जा रहे हैं, जिन्हें इतनी बड़ी उपाधि मिलेगी.
कौन थे कार्लो एक्यूटिस कंप्यूटर के जानकार कार्लो का जन्म साल 1991 में लंदन में हुआ. शुरुआत से ही वे दूसरे बच्चों से ज्यादा धार्मिक थे. काफी छोटी उम्र में उन्होंने कोडिंग सीख ली और एक वेबसाइट बनाई. इस वेबसाइट में कैथोलिक समाज में दुनियाभर में हो रहे चमत्कारों को एक साथ लिस्ट किया गया था.
किस तरह के चमत्कार किए
ये तो हुई कार्लो के कामकाज की बात, लेकिन ईसाई धर्म में सेंटहुड पाने के लिए चमत्कार साबित करना जरूरी है. सेंट-मेकिंग कमेटी ने ऐसे दो मिरेकल्स की बात बताई. हालांकि पोप फ्रांसिस ने एक घटना को तवज्जो दी, जब एकल दुर्लभ बीमारी से जूझ छोटा बच्चा कथित तौर पर कार्लो की टी-शर्ट को छूने से ठीक हो गया. एनडीटीवी में ये रिपोर्ट छपी है. पोप ने इस चमत्कार की जांच की और इस क्लेम को सच पाया.
एक और केस भी है, जिसमें ब्रेन इंजुरी से मरणासन्न हो चुकी एक स्टूडेंट की सेहत बिल्कुल ठीक हो गई, जब उसकी मां ने कार्लो की कब्र पर इसके लिए प्रार्थना की.

अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में हाल में एक संघीय अधिकारी की गोली से नर्स एलेक्स जेफ्री प्रेटी की मौत हो गई थी. जिसके बाद से अमेरिका में पुलिस और फेडरल एजेंसियों की कार्रवाई, विरोध-प्रदर्शनों में जाने वालों और आम नागरिकों की जान की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. इस बीच वॉशिंगटन में प्रेटी की याद में लोगों ने कैंडल मार्च निकाला. देखें अमेरिका से जुड़ी 10 बड़ी खबरें.

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

इस वीडियो में जानिए कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर को लेकर कौन सा नया आर्थिक परिवर्तन होने वाला है और इसका आपके सोने-चांदी के निवेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा. डॉलर की स्थिति में बदलाव ने वैश्विक बाजारों को हमेशा प्रभावित किया है और इससे निवेशकों की आर्थिक समझ पर भी असर पड़ता है. इस खास रिपोर्ट में आपको विस्तार से बताया गया है कि इस नए भूचाल के कारण सोने और चांदी के दामों में क्या संभावित बदलाव आ सकते हैं तथा इससे आपके निवेश को कैसे लाभ या हानि हो सकती है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिटेन के पीएम की मेजबानी करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून तभी सच में असरदार हो सकता है जब सभी देश इसका पालन करें. राष्ट्रपति शी ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि अगर बड़े देश ऐसा करेंगे नहीं तो दुनिया में जंगल का कानून चलेगा. विश्व व्यवस्था जंगल राज में चली जाएगी.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.








