
दोहा से डबलिन जा रहे Qatar Airways की फ्लाइट में टर्बुलेंस से अफरा-तफरी, 12 यात्री हुए घायल
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डबलिन एयरपोर्ट की ओर से एक बयान में कहा गया कि, 'दोहा से कतर एयरवेज की उड़ान QR017 रविवार को 13.00 बजे से कुछ समय पहले डबलिन हवाई अड्डे पर सुरक्षित रूप से लैंडिंग हुई. तुर्की के ऊपर से उड़ान भरते समय विमान में अस्थिरता का अनुभव होने के बाद बोर्ड पर मौजूद लोगों ने घायल होने की सूचना दी.
डबलिन हवाईअड्डे ने रविवार को कहा कि दोहा से आयरलैंड जा रही कतर एयरवेज की उड़ान में यात्रा कर रहे 12 लोग टर्बुलेंस के दौरान घायल हो गए. उन्होंने बताया कि विमान सुरक्षित रूप से और निर्धारित समय पर उतरा. हवाईअड्डे ने कहा, उड़ान QR017, बोइंग 787 ड्रीमलाइनर, डबलिन समय (12:00 GMT) के अनुसार दोपहर 1 बजे से कुछ देर पहले उतरा.
डबलिन एयरपोर्ट की ओर से एक बयान में कहा गया कि, 'दोहा से कतर एयरवेज की उड़ान QR017 रविवार को 13.00 बजे से कुछ समय पहले डबलिन हवाई अड्डे पर सुरक्षित रूप से लैंडिंग हुई. तुर्की के ऊपर से उड़ान भरते समय विमान में अस्थिरता का अनुभव होने के बाद बोर्ड पर मौजूद लोगों ने घायल होने की सूचना दी. हवाईअड्डा पुलिस और हमारे अग्निशमन और बचाव विभाग सहित आपातकालीन सेवाओं ने लैंडिंग के बाद मोर्चा संभाला और यात्रियों की मदद की.
इससे पहले 211 यात्रियों को ले जा रही सिंगापुर एयरलाइंस की उड़ान को गंभीर टर्बुलेंस के कारण बैंकॉक में उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिससे 73 वर्षीय ब्रिटिश व्यक्ति की मौत हो गई थी. उड़ान में यात्रियों और चालक दल को चोटें आईं, क्योंकि वे टर्बुलेंस के बाद केबिन के चारों ओर टकरा गए थे.यूएस नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड के 2021 के एक अध्ययन के अनुसार, टर्बुलेंस से संबंधित एयरलाइन दुर्घटनाएं सबसे आम हैं.
बता दें कि, सिंगापुर एयरलाइंस के एक विमान में मंगलवार को खतरनाक टर्बुलेंस में एक शख्स की जान चली गई थी, और कई लोग ज्यादा गंभीर रूप से घायल हुए थे. 73 साल के ब्रिटिश नागरिक की जान टर्बुलेंस के दौरान कैसे गई, इसपर जांच की बात सामने आई थी, लेकिन इस घटना के साथ ही एक बार फिर हवाई टर्बुलेंस पर चिंता बढ़ गई है. कई रूट्स रिस्की जोन में आते हैं, जहां ये डर लगातार बना रहता है. अब क्लाइमेट चेंज की रफ्तार बढ़ने के साथ हादसों की रफ्तार भी बढ़ सकती है.
क्या है टर्बुलेंस, कब-कब दिखता है एविएशन में अक्सर इस टर्म का उपयोग होता है. ये हवा के बहाव में बदलाव की वजह से आने वाली उथलपुथल है. इसे ऐसे भी समझ सकते हैं कि जो हवा हवाई जहाज को उड़ाने में मदद करती है, उसमें बाधा आ जाए. इससे फ्लाइट को कम-ज्यादा धक्का लगता है और वो तेजी से नीचे-ऊपर होता है. इसका असर भीतर बैठे लोगों पर भी दिखता है. वे सीट-बेल्ट लगाए होने के बाद भी धक्का लगने जैसा महसूस करते हैं.

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