
वनडे में पास, टेस्ट में बुरी तरह फेल... टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर का देखें रिपोर्ट कार्ड
AajTak
गौतम गंभीर ने भारत के मुख्य कोच के रूप में राहुल द्रविड़ की जगह ली और तीनों प्रारूपों में टीम का नेतृत्व कर रहे हैं. उनका व्हाइट-बॉल कोचिंग रिकॉर्ड बेहद मजबूत है. हालांकि टेस्ट क्रिकेट में उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा, जहां जीत प्रतिशत सिर्फ 36% है और कई बड़ी श्रृंखलाओं में भारत को हार मिली है.
साउथ अफ्रीका ने टीम इंडिया को उसके घर में दो मैचों की टेस्ट सीरीज 2-0 से हराई है. इससे पहले न्यूजीलैंड ने भी भारत को उसके घर में 3-0 से क्लीन स्विप किया था. भारतीय टेस्ट टीम का ये बुरा हाल ऐसे वक्त में शुरू हुआ है जब गौतम गंभीर ने राहुल द्रविड़ की जगह भारत के मुख्य कोच के रूप में कार्यभार संभाला है, और अब वह तीनों प्रारूपों में भारतीय टीम का हिस्सा हैं. आइए एक कोच के रूप में गंभीर का रिपोर्ट कार्ड देखते हैं...
गौतम गंभीर के कोचिंग रिकॉर्ड का विश्लेषण व्हाइट-बॉल और रेड-बॉल दोनों प्रारूपों में अलग-अलग किया जा सकता है. पूर्व भारतीय बल्लेबाज़ का व्हाइट-बॉल क्रिकेट में कोच के रूप में रिकॉर्ड प्रभावशाली रहा है, लेकिन टेस्ट में उनका प्रदर्शन बेहद खराब रहा है.
गौतम गंभीर का वनडे (ODI) कोचिंग रिकॉर्ड
वनडे में उनकी शुरुआत आदर्श नहीं रही. भारत अपने घरेलू मैदान पर श्रीलंका से 2-0 से हार गया, जबकि एक मैच टाई रहा. इसके बाद उन्होंने लगातार 8 मैच जीते, जिनमें चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 भी शामिल है. वनडे के कुल 14 मैचों में गंभीर ने 9 मैच जीते, 4 हारे और 1 मैच टाई रहा, जिससे उनकी जीत प्रतिशत 64.28 है.
गौतम गंभीर का टी20 (T20I) कोचिंग रिकॉर्ड
गंभीर ने अपने कार्यकाल की शुरुआत श्रीलंका में की, जो रोहित शर्मा और विराट कोहली की टी20 से संन्यास के बाद पहली टी20 श्रृंखला थी. अपने पहले असाइनमेंट में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और भारत ने तीनों मैच जीते. अगले 19 मैचों में गंभीर की टीम सिर्फ 2 मैच हारी. कुल 22 मैचों में 20 जीत और 2 हार के साथ उनकी जीत प्रतिशत 90.90 रही.

अमेरिका ने ब्रिटेन, फ्रांस,इजरायल और चार अरब देशों के साथ मिलकर ईरान पर हमले की गुप्त टारगेट लिस्ट तैयार की है. मेन टारगेट न्यूक्लियर साइट्स (फोर्डो, नंटाज, इस्फाहान), IRGC कमांडर्स, बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्रीज और स्ट्रैटेजिक बेस हैं. ट्रंप ने प्रदर्शनों और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर धमकी दी है, लेकिन अभी हमला नहीं हुआ. अरब देश युद्ध से डर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.







