
'लेबल कुछ है... माल कुछ है', विपक्षी महाजुटान पर पीएम मोदी ने ली चुटकी, बोले- ये कट्टर भ्रष्टाचारी सम्मेलन
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पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को बेंगलुरु में हो रहे विपक्षी दलों के महाजुटान पर हमला बोला. उन्होंने इस बैठक को भ्रष्टाचारियों का सम्मेलन करार दिया. उन्होंने कहा कि आजादी के 75 वर्षों में हमारा भारत कहीं से कहीं पहुंच सकता था. हम भारतीयों के सामर्थ्य में कभी कोई कमी नहीं रही है, लेकिन सामान्य भारतीय के इस सामर्थ्य के साथ भ्रष्टाचारी और परिवारवादी पार्टियों ने अन्याय किया.
पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को बेंगलुरु में हो रहे विपक्षी दलों के महाजुटान पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने इस बैठक को भ्रष्टाचारियों का सम्मेलन करार दिया. उन्होंने पोर्ट ब्लेयर में वीर सावरकर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के नए एकीकृत टर्मिनल भवन के उद्घाटन समारोह में कहा कि ये लोग असीमित भ्रष्टाचार करते हैं. ये लोग आजकल बेंगलुरु में जुटे हैं.
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आजादी के 75 वर्षों में हमारा भारत कहीं से कहीं पहुंच सकता था. हम भारतीयों के सामर्थ्य में कभी कोई कमी नहीं रही है, लेकिन सामान्य भारतीय के इस सामर्थ्य के साथ भ्रष्टाचारी और परिवारवादी पार्टियों ने अन्याय किया. इस मौके पर मुझे अवधी भाषा में लिखी एक कविता की पंक्ति याद आ रही है कि गाइत कुछ है, हाल कुछ है, लेबिल कुछ है, माल कुछ है.
उन्होंने कहा कि विपक्षी दल के लोग अपनी दुकान खोलकर हमें रोकना चाहते हैं. वो भारत की बदहाली वाले लोग अपनी दुकान खोलकर बैठ गए हैं. इनकी दुकान पर 2 चीजों की गारंटी है. एक तो ये अपनी दुकान पर जातिवाद का जहर बेचते हैं और दूसरा की भ्रष्टाचार करते हैं.
पीएम ने कहा कि इन सबने कई चहेरे लगा रखे हैं. मुझे एक गीत याद आ रहा है- एक चेहरे पर कई चेहरे लगा लेते हैं. अब देखिए इन्होंने कितने चेहरे लगा रखे हैं. उन्होंने कहा कि ये लोग खुद को कैमरे के सामने एक दिखाते हैं लेकिन लोग जानते हैं कि पूरे फ्रेम में भ्रष्टाचारी हैं. ये कट्टर भ्रष्टाचारियों का सम्मेलन है. जमानत पर कुछ लोगों को सम्मान से देख रहे हैं, जिसका पूरा परिवार ही जमानत पर है तो उसे ज्यादा सम्मान मिल रहे हैं. ये लोग गा कुछ रहे हैं, हाल कुछ है, इन्होंने लेबल कुछ लगा रखा है और माल कुछ है.
पीएम ने इससे पहले कहा- मेरा सौभाग्य है कि वर्ष 2018 में मैंने अंडमान में उसी स्थान पर तिरंगा लहराया, जहां नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने झंडा फहराया था. यह हमारी ही सरकार है, जिसने रॉस आइलैंड को नेताजी सुभाष का नाम दिया. यह हमारी ही सरकार है, जिसने हेवलॉक और नील आइलैंड को स्वराज और शहीद आइलैंड का नाम दिया है.

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