
रियासी आतंकी हमले की NIA करेगी जांच, गृह मंत्रालय ने लिया फैसला
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रियासी में यात्रियों से भरे बस पर हुए आतंकी हमले की जांच का जिम्मा गृह मंत्रालय ने एनआईए (NIA) को सौंप दिया है. पिछले दिनों जम्मू-कश्मीर में हुई आतंकी गतिविधियों को देखते हुए गृह मंत्री अमित शाह, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्ह और एनएसए अजित डोभाल ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा बैठक की थी. इसके बाद ही यह फैसला लिया गया है.
जम्मू-कश्मीर में यात्रियों से भरी बस पर हुए आतंकी हमले की जांच गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के हाथ सौंप दी है. यह जानकारी एजेंसी के अधिकारियों ने दी. बता दें कि इस हमले में तीन महिला सहित 9 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 41 लोग घायल हो गए थे. जिस बस पर हमला किया गया था, उसमें अधिकांश यात्री उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली के थे.
नौ जून को जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में घात लगाकर आतंकियों ने बस पर हमला बोल दिया. जब 53 सीटर बस शिव खोड़ी से कटरा स्थित माता वैष्णो देवी के मंदिर की ओर जा रही थी, तभी आतंकवादियों ने हमला बोल दिया था. अब गृह मंत्रालय ने इस घटना की जांच का जिम्मा एनाईए को सौंप दिया है.
न्यूज एजेंसी से मिली जानकारी के अनुसार जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था और वार्षिक अमरनाथ यात्रा की तैयारी की समीक्षा को लेकर की गई एक के बाद एक गृह मंत्री अमित शाह की दो बैठकों के एक दिन बाद ही मंत्रालय ने यह फैसला लिया है. रियासी और अन्य आतंकी हमले के बाद ही बैठकों का दौर शुरू हुआ था.
बता दें कि 9 जून को रियासी में हुए आतंकी हमले के बाद एक के बाद एक 11 जून को फिर से चत्तरगल्ला में राष्ट्रीय राइफल्स और पुलिस के ज्वाइंट चेकपोस्ट पर हमला हुआ था. वहीं डोडा जिला के गंडोह में 12 जून को सर्च पार्टी पर फायरिंग की गई थी. इसमें सात सुरक्षा बल के जवान घायल हो गए थे. इन हमलों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा के हालातों को लेकर 13 जून को एक बैठक की थी और अधिकारियों को आतंकियों से निबटने के लिए पूरी ताकत झोंक देने का निर्देश दिया था.
अमित शाह ने रविवार को कहा था कि जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से लड़ाई अपने निर्णायक मोड़ पर है. हाल के दिनों में हुई घटनाओं से यह साफ है कि अब आतंकी गतिविधियां अपने चरम से काफी नीचे आ चुकी और इस तरह के प्रॉक्सी वॉर का आतंकी सहारा ले रहे हैं.गृहमंत्री अमित शाह के साथ बैठक में एनएसए अजित डोभाल, जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, आर्मी चीफ जेनरल मनोज पांडे सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे.

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